खेती में बढ़ते कीट प्रकोप और महंगे कीटनाशकों के खर्च से परेशान किसानों के लिए कृषि विभाग ने राहत भरी पहल शुरू की है. अब किसान कम लागत में पर्यावरण के अनुकूल तरीके से फसलों को कीटों से बचा सकेंगे. पौधा संरक्षण कृषि विभाग की उपादान वितरण योजना के तहत स्टिकी ट्रैप (Sticky Trap) पर किसानों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. इस तकनीक से जहां फसल की सुरक्षा बेहतर होगी, वहीं रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता भी कम होगी.
डॉ. प्रमोद कुमार (Pramod Kumar), अपर निदेशक, पौधा संरक्षण, कृषि विभाग बिहार के अनुसार, किसानों को स्टिकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप और लाइफ टाइम ट्रैप जैसे उपयोगी यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्टिकी ट्रैप का इस्तेमाल कर किसान बिना जहरीली दवाओं के छिड़काव के कई प्रकार के हानिकारक कीटों को नियंत्रित कर सकते हैं.
नीले और पीले स्टिकी ट्रैप से होगा कीटों का नियंत्रण
डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि स्टिकी ट्रैप मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं- ब्लू स्टिकी ट्रैप और येलो स्टिकी ट्रैप. ब्लू स्टिकी ट्रैप खासतौर पर थ्रिप्स और लीफ माइनर जैसे उड़ने वाले कीटों को आकर्षित करता है. इसे खेत में लगाने के बाद कीट इसकी गोंद वाली सतह पर चिपक जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि एक एकड़ खेत में करीब 12 स्टिकी ट्रैप लगाने की सलाह दी जाती है. इससे खेत में मौजूद उड़ने वाले कीटों की निगरानी और नियंत्रण आसानी से किया जा सकता है.
पीले ट्रैप से सफेद मक्खी और माहू पर लगेगी रोक
कृषि विभाग के अनुसार, येलो स्टिकी ट्रैप पीले रंग की वजह से कई रस चूसने वाले कीटों को आकर्षित करता है. इसमें मुख्य रूप से माहू, सफेद मक्खी और अन्य हानिकारक कीट फंस जाते हैं. इससे किसान फसल में कीटों की संख्या बढ़ने से पहले ही उनका नियंत्रण कर सकते हैं. इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक कीटनाशक का उपयोग नहीं होता. इससे खेत, पानी और फसल में जहरीले तत्वों का प्रभाव कम होता है और उत्पादन अधिक सुरक्षित बनता है.
DBT पोर्टल से करें आवेदन, सिर्फ 10 रुपये में मिलेगा लाभ
डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल पर पौधा संरक्षण द्वारा संचालित उपादान वितरण योजना में जाकर स्टिकी ट्रैप के लिए आवेदन करना होगा. योजना के तहत किसानों को एक एकड़ के लिए 12 स्टिकी ट्रैप उपलब्ध कराए जाएंगे.
अधिकतम 5 एकड़ तक के लिए किसान इसका लाभ ले सकते हैं. स्टिकी ट्रैप की कीमत 40 रुपये है, जिसमें सरकार 75 प्रतिशत यानी 30 रुपये का अनुदान देगी. किसान को केवल 10 रुपये का भुगतान करना होगा. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और फसल सुरक्षा के लिए प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाएं. इससे उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.