बाढ़-सूखे के खतरे के बीच एक्शन में योगी सरकार, 44 जिलों में हाई अलर्ट, 24 घंटे में मुआवजा मिलेगा

UP Monsoon News: उत्तर प्रदेश में अनियमित मॉनसून के कारण कई जिलों में सूखे और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. हालात की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को किसानों की फसल और आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 21 Jul, 2026 | 02:08 PM

Uttar Pradesh Flood Alert: उत्तर प्रदेश में इस बार मॉनसून का मिजाज एक जैसा नहीं है. कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण सूखे की आशंका बढ़ रही है. दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है. ऐसे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और साफ कहा कि किसानों की फसल, लोगों की जान और आजीविका की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य पूरी तेजी और बेहतर तालमेल के साथ किए जाएं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को तुरंत मदद मिल सके.

कम बारिश वाले इलाकों में सिंचाई पर रहेगा जोर

सीएम योगी ने कहा कि जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी. इसके लिए नहरों, जलाशयों, सरकारी नलकूपों और अन्य सिंचाई साधनों का पूरी क्षमता से इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने कृषि और सिंचाई विभाग को आपस में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं. जिन क्षेत्रों में कम बारिश की वजह से फसलों पर असर पड़ने की आशंका है, वहां तुरंत जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी. इसके अलावा सरकार बुवाई और सिंचाई की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.

तीन दिन में तैयार होंगे सभी राहत शिविर

बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में अगले तीन दिनों के भीतर सभी राहत शिविर पूरी तरह तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन शिविरों में लोगों के लिए साफ पेयजल, ताजा और पौष्टिक भोजन, दवाइयों, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी. बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की जाएगी, जबकि महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.

24 घंटे में पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आकाशीय बिजली से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश और बिजली गिरने से हुए नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक मुआवजा पहुंचाया जाए. सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और पीड़ित परिवारों की मदद को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. सरकार का उद्देश्य है कि आपदा से प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिल सके.

तटबंधों की होगी 24 घंटे निगरानी

मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं. हर घंटे की स्थिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी कार्यालय और संबंधित एजेंसियों तक भेजी जाएगी. इसके अलावा नदियों के तटबंधों की लगातार निगरानी होगी. जहां कटान या रिसाव की आशंका होगी, वहां तुरंत मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे. किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं.

NDRF, SDRF और राहत टीमें रहेंगी अलर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सामान्य नावों के साथ बड़ी नावों की भी व्यवस्था की जाए. आपदा मित्रों की मदद ली जाए और NDRF, SDRF, PAC, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, पशुपालन और राजस्व विभाग मिलकर राहत कार्य करें.

44 जिलों में पहले से पूरी तैयारी

सरकार के अनुसार बाढ़ प्रभावित माने जाने वाले 44 जिलों में पहले से व्यापक तैयारी कर ली गई है.

  • 1,694 राहत शरणालय चिन्हित किए गए हैं.
  • इनमें करीब 5.14 लाख लोगों को ठहराने की व्यवस्था है.
  • 910 पशु शरणालय भी तैयार किए गए हैं.
  • सभी संवेदनशील जिलों में NDRF, SDRF और PAC की टीमें तैनात हैं.

फिलहाल बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी और मुजफ्फरनगर के 42 गांवों के 332 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं. राहत कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियां, 549 मेडिकल टीमें, 55 नाव और मोटरबोट तथा 1,096 बाढ़ शरणालय सक्रिय किए गए हैं.

किसानों और लोगों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, चाहे सूखे जैसी स्थिति हो या बाढ़ का संकट, सरकार का मकसद हर किसान की फसल बचाना और हर प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुंचाना है. उन्होंने अधिकारियों को नदियों की सफाई और चैनलाइजेशन, पशुओं के टीकाकरण, पशुधन की सुरक्षा और शहरों में खुले मैनहोल तुरंत ढकने के भी निर्देश दिए हैं. सरकार का कहना है कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं.

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Published: 21 Jul, 2026 | 02:07 PM

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