Uttar Pradesh Sugar Industry: उत्तर प्रदेश ने चीनी, गन्ना और इथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में अपनी मजबूत पहचान बना ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि, राज्य अब इन तीनों क्षेत्रों में देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है. उनका मानना है कि पिछले कुछ सालों में चीनी उद्योग को दोबारा खड़ा करने, बंद पड़ी मिलों को चालू करने और किसानों के हित में बनाई गई नीतियों का सीधा फायदा गन्ना किसानों को मिला है.
शामली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ चीनी उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है.
10 साल में बदली चीनी उद्योग की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, साल 2007 से 2017 के बीच प्रदेश में कई चीनी मिलें बंद हो गई थीं, जिससे गन्ना किसानों को अपनी फसल बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद चीनी उद्योग को फिर से मजबूत करने के लिए लगातार काम किया गया. उनके अनुसार, अब प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं. इससे गन्ने की खरीद और चीनी उत्पादन दोनों में तेजी आई है. यही वजह है कि, उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा चीनी, गन्ना और इथेनॉल उत्पादक राज्य बन गया है.
उत्तर प्रदेश में आज 122 चीनी मिलें संचालित हैं। देश में चीनी, गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश अपने अन्नदाता किसानों के उन्नयन और उनकी समृद्धि का सशक्त माध्यम बना हुआ है।
गन्ना किसानों को उनके गन्ने के मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया… pic.twitter.com/W7MR071ShI
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 17, 2026
गन्ना किसानों की आय बढ़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी उद्योग के मजबूत होने का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिला है. इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से गन्ने की मांग में भी इजाफा हुआ है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के अधिक अवसर मिले हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनसे किसानों को बेहतर बाजार और समय पर भुगतान जैसी सुविधाएं मिल सकें.
एक्सप्रेसवे से कृषि और व्यापार को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले समय में शामली तीन बड़े एक्सप्रेसवे का अहम केंद्र बनने वाला है. इनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क बनने से किसानों को अपनी फसल जल्दी और आसानी से मंडियों व बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे समय और परिवहन का खर्च कम होगा. साथ ही उद्योग-धंधों और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे इलाके में रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है.
निवेश और कानून व्यवस्था पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में शामली और आसपास के क्षेत्रों की तस्वीर बदली है. बेहतर कानून व्यवस्था, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ा है. इसका असर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि जब उद्योग बढ़ते हैं तो रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मिलता है.
किसानों के लिए आगे भी जारी रहेगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कृषि, चीनी उद्योग और ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में निवेश जारी रखेगी. उनका कहना है कि आने वाले सालों में इथेनॉल और चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेंगे. साथ ही गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभदायक बनाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम करती रहेगी. उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती ही प्रदेश के समग्र विकास की सबसे बड़ी आधारशिला है.