MP इथेनॉल विवाद: 1160 करोड़ के कथित घोटाले पर FCI की सफाई, ‘जांच सिर्फ 490 बोरियों की’

FCI Rice Scam: मध्य प्रदेश में एथेनॉल के लिए जारी 1160 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले पर एफसीआई ने सफाई देते हुए कहा है कि यह दावा भ्रामक है. निगम के मुताबिक, जांच केवल 490 बोरियों (242.50 क्विंटल) चावल के कथित डायवर्जन की हो रही है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5.63 लाख है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 15 Jul, 2026 | 11:35 AM

Madhya Pradesh Rice Scam: मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के लिए जारी एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के चावल को लेकर हाल ही में 1160 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की खबरें सामने आईं. इस मामले पर अब एफसीआई (FCI) ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि, मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें सही नहीं हैं. निगम के मुताबिक, जिस मामले की जांच हो रही है, वह पूरे चावल के स्टॉक से नहीं, बल्कि केवल 490 बोरियों (242.50 क्विंटल) चावल के कथित डायवर्जन से जुड़ा है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.63 लाख रुपये बताई गई है.

दो साल में 5.39 लाख मीट्रिक टन चावल किया गया जारी

एफसीआई के अनुसार, एथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2024-25 के दौरान मध्य प्रदेश की डिस्टिलरियों को 2.98 लाख मीट्रिक टन चावल 22.50 रुपये प्रति किलो की दर से दिया गया था. वहीं, ESY 2025-26 में 30 जून 2026 तक 2.41 लाख मीट्रिक टन चावल 23.20 रुपये प्रति किलो की दर से जारी किया गया. इस तरह दोनों वर्षों में कुल 5.39 लाख मीट्रिक टन चावल डिस्टिलरियों को तय प्रक्रिया और पूरा भुगतान मिलने के बाद उपलब्ध कराया गया.

फिर 1160 करोड़ रुपये का आंकड़ा कहां से आया?

एफसीआई का कहना है कि, जिस 1160 करोड़ रुपये की चर्चा हो रही है, वह किसी घोटाले की रकम नहीं है. यह दरअसल उन 5.39 लाख मीट्रिक टन चावल की कुल वैध कीमत है, जिसका भुगतान डिस्टिलरियों ने पहले ही कर दिया था. निगम का कहना है कि, इस पूरी राशि को घोटाले से जोड़ना गलत है और इससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है.

490 बोरियों की हेराफेरी की जांच जारी

एफसीआई के मुताबिक, जून 2026 के पहले सप्ताह में चावल की ढुलाई के दौरान गड़बड़ी की जानकारी मिली थी. इसके बाद संबंधित डिस्टिलरी को नोटिस भेजा गया और 5 जून 2026 को एफआईआर दर्ज कराई गई.

इसके बाद 11 जून को संयुक्त निरीक्षण टीम ने मौके का निरीक्षण किया. शुरुआती जांच में बरामद चावल और एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के तहत भेजी गई खेप के बीच संबंध मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई.

सरकार ने उठाए सख्त कदम

मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. वहीं, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने संबंधित राइस मिल पर 44.12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और उसे ब्लैकलिस्ट भी कर दिया है. इसके अलावा एफसीआई ने संबंधित डिस्टिलरी की सुरक्षा राशि रोक दी है और उसे आगे चावल का आवंटन भी बंद कर दिया है.

FCI ने लोगों से की अपील

एफसीआई का कहना है कि, मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही निगम ने लोगों से अपील की है कि, अधूरी या भ्रामक जानकारी के आधार पर पूरे एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पर सवाल न उठाएं. एफसीआई का कहना है कि यह मामला सीमित मात्रा में चावल के कथित डायवर्जन से जुड़ा है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 15 Jul, 2026 | 11:28 AM

लेटेस्ट न्यूज़