छुट्टा गौवंश पालिए हर महीने 12 हजार रुपये देगी सरकार, पशुपालन के लिए दो नई योजनाएं शुरू 

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि आवारा और छुट्टा पशुओं से किसानों को राहत दिलाने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की है. इसके तहत जो लोग ज्यादा से ज्यादा छुट्टा पशुओं का पालन करेंगे उन्हें अधिकतम 12 हजार रुपये हर महीने दिए जाएंगे. इसके अलावा पशुओं के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 18 Jan, 2026 | 07:11 PM

छुट्टा गौवंश और अन्य पशुओं के संरक्षण के लिए उत्तराखंड सरकार ने दो नई योजनाओं की शुरुआत की है. इन योजना के जरिए छुट्टा गौवंश को आश्रय देने और पालने वाले लोगों को हर महीने 12 हजार रुपये दिए जाएंगे.  दोनों योजनाएं राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ देने के लिए लागू की गई हैं. वर्तमान में मुनस्यारी समेत राज्य के अन्य हिस्सों योजना की शुरूआत की गई है और लाभार्थी पशुपालकों को लाभ दिया जा रहा है.

पशुपालकों को हर महीने 12 हजार रुपये मिलेंगे

उत्तराखंड सरकार ने सड़कों और खेतों से आवारा पशुओं को हटाने के लिए दो योजनाएं शुरू की हैं, जिसके तहत इन जानवरों को आश्रय देने वाले लोग हर महीने 12,000 रुपये तक कमा सकते हैं. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार छुट्टा पशुओं के संरक्षण और बचाव पर ध्यान दे रही है. खासकर करके गौवंश के संरक्षण पर सरकार का फोकस है और इसीलिए दो नई योजनाओं की शुरुआत की गई है. दोनों योजनाओं के जरिए अलग-अलग राशि दी जाएगी.

पशुओं के लिए सरकार मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी देगी

अधिकारियों ने मीडिया से कहा कि इन दोनों योजनाओं का क्रियान्वयन पशुपालन विभाग करेगा. यह दोनों योजनाएं सिर्फ ग्रामीण इलाकों के लिए शुरू की गई हैं. पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि इसका मकसद आवारा पशुओं को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सेवा देना और फसलों को उनसे बचाना है.

ग्राम गौर सेवक योजना में प्रति पशु के हिसाब से मिलेगा पैसा

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि पहली जो योजना है वह ग्राम गौर सेवक योजना है, इसके तहत जो लोग ज्यादा से ज्यादा पांच नर आवारा पशुओं को आश्रय देंगे, उन्हें प्रति पशु प्रति दिन 80 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा, साथ ही इन जानवरों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा भी दी जाएगी. इससे सड़कों और खेतों में आवारा पशुओं की समस्या से निपटने में कामयाबी मिलेगी और पशुपालकों की कमाई भी बढ़ सकेगी. वर्तमान में 6 ग्रामीणों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. जबकि, नए रजिस्ट्रेशन भी शुरू किए गए हैं.

गौशाला योजना की मुनस्यारी में शुरुआत

पशुपालन विभाग की दूसरी योजना ‘गौशाला योजना’ है. इसमें असीमित संख्या में आवारा पशुओं को रखा जा सकता है. इस योजना के जरिए पशुपालक हर महीने 12 हजार रुपये तक सरकार से हासिल कर सकते हैं. वर्तमान में मुनस्यारी और बरवे में इस योजना के तहत दो आश्रय स्थल चल रहे हैं, जिनमें 225 आवारा पशुओं को आश्रय दिया गाय है.

पशुपालन विभाग में करें आवेदन

अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के जो भी पशुपालक इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, वे पशुपालन विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. जरूरी दस्तावेज और फॉर्म भरकर जमा करके योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है.

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