Green Fodder : गजब का है ये हरा चारा.. पशुओं के लिए बना संजीवनी, खिलाते ही बढ़ जाएगा दूध!

हरे चारे से दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन में सुधार हुआ है. यह तरीका प्राकृतिक, किफायती और आसान है. किसान अपनी खाली जमीन पर इसे उगा सकते हैं और सालभर फायदा उठा सकते हैं. इससे लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 14 Feb, 2026 | 09:30 PM

Green Fodder: सर्दियों और ठंड के मौसम में दुधारू पशुओं की देखभाल हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है. अधिकतर पशुपालक दूध बढ़ाने के लिए महंगे सप्लीमेंट और दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन इसका खर्च ज्यादा होता है. अब एक देसी और आसान तरीका सामने आया है, जिससे दूध उत्पादन दोगुना बढ़ रहा है और पशुओं का स्वास्थ्य भी मजबूत हो रहा है. यह तरीका हर छोटे और बड़े पशुपालक के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.

हरा चारा- दूध बढ़ाने की संजीवनी

पशुपालकों के लिए हरा चारा  अब दूध बढ़ाने का सबसे असरदार तरीका बन गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेष किस्म के नेपियर और सूडान हरे चारे से पशु ज्यादा दूध देने लगे हैं. नियमित रूप से इस चारे के उपयोग से पशु ज्यादा एक्टिव रहते हैं, रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और दूध का उत्पादन  लगातार बढ़ता है. यह तरीका महंगे सप्लीमेंट की जगह एक प्राकृतिक और किफायती विकल्प साबित हो रहा है.

स्वास्थ्य में सुधार और पोषण

हरे चारे में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके सेवन से पशुओं की पाचन शक्ति मजबूत होती है और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है. कम बीमार पड़ने के कारण दवाइयों और इलाज पर होने वाला खर्च भी कम हो जाता है. पशु अधिक स्वस्थ  होने पर दूध का उत्पादन लगातार बढ़ता है. इस तरह यह देसी उपाय लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने में किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है.

खेती आसान और लाभकारी

हरे चारे की खेती करने की प्रक्रिया बेहद आसान है. एक बार नेपियर-सूडान चारा लगाने के बाद इसकी लंबाई 6-8 फीट होने पर कटाई की जाती है. कटाई के बाद जड़ को 4-6 इंच तक छोड़कर फिर से उगाया जाता है. इस तरह एक ही पौधे से चार बार तक चारा प्राप्त किया जा सकता है. यह तरीका कम लागत में लंबे समय तक हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करता है और छोटे किसानों के लिए भी लाभकारी  है.

प्रेरणा और अन्य किसानों के लिए उदाहरण

यह देसी तरीका अब अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणा बन रहा है. हरा चारा अपनाकर किसान कम खर्च में दूध का उत्पादन बढ़ा सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं. इससे सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि पशुओं का स्वास्थ्य  भी मजबूत होता है. किसान अपनी खाली जमीन पर आसानी से हरा चारा उगा सकते हैं और सालभर अपनी जरूरत पूरी कर सकते हैं. यह तरीका प्राकृतिक, आसान और लाभकारी होने के साथ-साथ स्थायी कृषि का भी बेहतरीन उदाहरण है.

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Published: 14 Feb, 2026 | 09:30 PM

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