Todays Insights : मुर्गियों के अंडे कम क्यों हो जाते हैं? ये 5 गलतियां न करें

मुर्गियों के अंडे कम होने के पीछे रोशनी की कमी, खराब खान-पान और तनाव जैसे बड़े कारण हो सकते हैं. अक्सर सर्दियों में दिन छोटे होने या मुर्गियों के पंख झड़ने (मोल्टिंग) के कारण उत्पादन गिर जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं मुर्गी पालकों को किन बातों को खास ध्यान रखना चाहिए.

नोएडा | Published: 9 Jan, 2026 | 02:54 PM

Poultry Farming Tips : सर्दियों की सुबह हो और टोकरी में ताजे अंडों की संख्या कम होने लगे, तो किसी भी मुर्गी पालक भाई का माथा ठनकना लाजिमी है. मुर्गियां सिर्फ एक पक्षी नहीं, बल्कि घर के सदस्य जैसी होती हैं और जब उनकी सेहत बिगड़ती है या वे अंडे देना कम करती हैं, तो समझ लीजिए कि वे आपसे कुछ कहना चाह रही हैं. अक्सर हम सोचते हैं कि दाना-पानी तो दे ही रहे हैं, फिर ये अंड़ों का हड़ताल क्यों? असल में मुर्गियां बहुत संवेदनशील होती हैं, उनकी छोटी-छोटी जरूरतों को नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि वो कौन सी वजहें हैं जिनसे मुर्गियां अंडे देना कम कर देती हैं और आप इन गलतियों को कैसे सुधार सकते हैं.

रोशनी का गणित- क्या बाड़े में अंधेरा रहता है?

कॉप में एक LED बल्ब लगाएं.

मुर्गियों के शरीर का विज्ञान सीधे सूरज की रोशनी से जुड़ा होता है. अंडे देने के चक्र को चालू रखने के लिए उन्हें दिन भर में कम से कम 14 से 16 घंटे की रोशनी चाहिए होती है. सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैं और शाम जल्दी ढल जाती है, यही सबसे बड़ी वजह है कि मुर्गियां अंडे देना  कम कर देती हैं. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि अंडे मिलते रहें, तो शाम के समय बाड़े (कॉप) में एक LED बल्ब लगा दें. इससे उन्हें जरूरी रोशनी मिलती रहेगी और उनका शरीर अंडे बनाने की प्रक्रिया  को जारी रखेगा.

डाइट में गड़बड़ी

अक्सर हम मुर्गियों को घर का बचा-खुचा खाना या सिर्फ अनाज डाल देते हैं. लेकिन याद रखिए, एक अंडा बनाने के लिए मुर्गी को भरपूर कैल्शियम और ताकत की जरूरत होती है. अगर दाने में पोषक तत्व  कम होंगे, तो मुर्गी खुद को बचाने के लिए अंडे देना बंद कर देगी. ऐसे मे उन्हें केवल पूरक आहार (Supplements) न दें. उनकी डाइट में 90 फीसदी हिस्सा अच्छी क्वालिटी का लेयर फीड होना चाहिए. बाकी 10 फीसदी में आप उन्हें गाजर या सूरजमुखी के बीज दे सकते हैं. एक और जरूरी बात-मुर्गियों को कभी भी दूध न पिलाएं, क्योंकि उनका पेट इसे पचा नहीं पाता और वे बीमार पड़ सकती हैं.

तनाव और शोर-शराबा

तनाव और शोर-शराबा से दूर रखें.

क्या आपके बाड़े के आसपास शिकारी कुत्ते या बिल्लियां घूमते रहते हैं? या फिर आपने एक छोटी सी जगह में बहुत सारी मुर्गियां भर दी हैं? मुर्गियां बहुत जल्दी डर जाती हैं. अगर कॉप में भीड़ ज्यादा होगी या बाहर शिकारियों का डर रहेगा, तो मुर्गियां तनाव में आ जाती हैं और तनाव का सीधा असर उनके अंडे देने की क्षमता  पर पड़ता है. इससे बचने के लिए कॉप को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखें. कोशिश करें कि वहां शोर-शराबा न हो. मुर्गियों को जितनी शांति और सुरक्षा मिलेगी, वे उतनी ही खुशी-खुशी अंडे देंगी.

मौसम की मार और मोल्टिंग का समय

इंसानों की तरह मुर्गियों को भी आराम की जरूरत होती है. साल में एक बार मुर्गियां अपने पुराने पंख झाड़कर नए पंख उगाती हैं, जिसे मोल्टिंग कहते हैं. इस समय उनका शरीर पूरी ऊर्जा नए पंख उगाने में लगा देता है, इसलिए वे अंडे देना बंद कर देती हैं. इसके अलावा, बहुत ज्यादा गर्मी या कड़ाके की ठंड भी अंडों की संख्या घटा देती है.

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