ग्राफ्टिंग तकनीक से बैंगन उगाकर किसान ने कमाए 4 लाख रुपये, अब विधि जानने पहुंच रहे किसान 

Brinjal Farming: किसान लव कुमार जोहिले ने बताया कि पहले वे अन्य किसानों की तरह केवल धान की खेती करते थे, जिससे आय सीमित थी. बेहतर आमदनी के उद्देश्य से उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की, जिससे उन्हें ज्यादा उत्पादन के साथ ही ज्यादा कमाई हो रही है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 18 May, 2026 | 04:47 PM

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चंपा जिले के किसान लव कुमार जोहिले ने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए बैंगन की खेती की है, जिससे उन्हें ज्यादा उत्पादन तो मिला ही, बल्कि बैंगन भी अच्छी क्वालिटी का हुआ. इससे उनकी उपज को बाजार में सामान्य बैंगन की तुलना में अधिक कीमत मिली है. लव कुमार ने कहा कि उन्हें एक एकड़ खेत में बैंगन की खेती से 4 लाख रुपये की कमाई हासिल की है.

दूसरे गांवों के किसान बैंगन की खेती सीखने पहुंच रहे

छत्तीसगढ़ के उद्यान विभाग के अनुसार जांजगीर-चंपा जिले की बलौदा तहसील के ग्राम भिलाई के किसान लव कुमार जोहिले की मेहनत और नवाचार ने उनकी जिंदगी बदल दी है. कभी परंपरागत धान खेती पर निर्भर रहने वाले लव कुमार आज आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर किसान बन चुके हैं. उनकी सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों को भी रोजगार मिल रहा है. उनकी कमाई देखकर दूसरे किसान भी बैंगन की खेती की विधि सीखने उनसे पहुंच रहे हैं.

4 साल से ग्राफ्टेड बैंगन उगा रहे लव कुमार

लव कुमार जोहिले ने मीडिया को बताया कि पहले वे अन्य किसानों की तरह केवल धान की खेती करते थे, जिससे आय सीमित थी. बेहतर आमदनी के उद्देश्य से उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की. शुरुआती दौर में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन मेहनत और नई तकनीक सीखने की लगन ने उन्हें सफलता दिलाई. पिछले चार वर्षों से वे लगातार ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर रहे हैं और हर साल बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं.

बैगन उगाकर कमाए 4 लाख रुपये

वे रासायनिक कीटनाशकों के बजाय ऑर्गेनिक कीटनाशकों का उपयोग करते हैं, जिससे फसल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण होती है. इस कार्य में उनकी पत्नी भी बराबर की भागीदारी निभा रही हैं, जिससे यह खेती उनके परिवार के लिए मजबूत आजीविका का साधन बन गई है. ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उनकी आय में बड़ा बदलाव आया है. जहां पहले धान की खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब उन्हें सालाना 4 लाख रुपये से अधिक की आय हो रही है. बढ़ी हुई आय से बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की योजनाएं अब पहले से अधिक सुरक्षित हो गई हैं.

आधुनिक खेती तकनीक अपना रहे लव कुमार

उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक रंजना माखीजा ने कहा कि युवा किसान लव कुमार जोहिले ने खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मिसाल पेश की है. उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग का उपयोग कर पानी की बचत के साथ उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया है. उन्हें उद्यानिकी विभाग से ग्राफ्टेड पौधे, मल्चिंग, स्प्रिंकलर पाइप और पैक हाउस निर्माण के लिए अनुदान मिला, जिससे उनकी लागत कम हुई और काम आसान हुआ.

Brinjal Farming

किसान लव कुमार और उनकी पत्नी.

सौर सुजला योजना से सिंचाई खर्च घटा

सौर सुजला योजना के तहत मिले सोलर पंप से सिंचाई की समस्या भी लगभग समाप्त हो गई है. आज उनकी फसल स्थानीय बाजार में अच्छी कीमत पर बिक रही है और उनकी पहचान एक प्रगतिशील किसान के रूप में बन चुकी है. उनकी कहानी उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक खेती की नई संभावनाओं को अपनाना चाहते हैं. वहीं खेत में कार्य कर रहे मजदूरों ने बताया कि उन्हें यहां सालभर काम मिल जाता है, जिससे उन्हें दूसरे स्थानों पर मजदूरी करने जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती. साथ ही उन्हें हर 15 दिन में मजदूरी का भुगतान भी कर दिया जाता है.

क्या होती है ग्राफ्टिंग विधि

खेती में ग्राफ्टेड विधि वह तकनीक है जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से को दूसरे पौधे के अच्छे फल या फूल देने वाले हिस्से से जोड़कर नया पौधा तैयार किया जाता है. इससे पौधे में दोनों के अच्छे गुण आ जाते हैं, जैसे मजबूत जड़ें, रोग प्रतिरोधक क्षमता, बेहतर बढ़वार और अधिक उत्पादन, इसलिए यह विधि खासकर बागवानी और सब्जी-फल की खेती में बहुत उपयोगी मानी जाती है.

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