बिहार में बारिश से गेहूं, मक्का, आम और लीची की फसल चौपट.. कृषि मंत्री ने दिया सर्वे का आदेश.. मिलेगा मुआवजा

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश में तेज हवा और ओलावृष्टि  के साथ कई जिलों में बारिश हुई. इससे रबी, मक्का, फल और बागवानी फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है. इसलिए फसल नुकसान का तुरंत सर्वे किया जाए.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 23 Mar, 2026 | 07:14 PM

Bihar News: पिछले हफ्ते से रूक-रूक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि के चलते केवल उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में ही फसलों की बर्बादी नहीं हुई है, बल्कि बिहार में भी किसानों को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा है. राज्य के 19 जिलों में गेहूं, मक्का, आम और लीची की फसल को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. इसी बीच प्रदेश के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने फसल नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वे करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश में तेज हवा और ओलावृष्टि  के साथ कई जिलों में बारिश हुई. इससे रबी, मक्का, फल और बागवानी फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है. इसलिए फसल नुकसान का तुरंत सर्वे किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके. मंत्री ने विभाग के प्रधान सचिव, सचिव और निदेशक के साथ बागवानी विभाग के निदेशक से भी कहा कि वे जिलाधिकारियों और अन्य जिला अधिकारियों को नुकसान का आंकलन करने के लिए सक्रिय करें.

मक्का, गेहूं और दलहन, आम, लीची को ज्यादा नुकसान

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार किसानों की परेशानियों के साथ खड़ी है, जिन्होंने फसल और अन्य नुकसान झेला है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों को हर संभव मदद दी जाए, क्योंकि प्राकृतिक आपदा में किसानों का राज्य के कोष पर स्वाभाविक अधिकार है. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा जल्दी दिया जाएगा और अन्य मदद के विकल्पों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से मक्का, गेहूं और दलहन, आम, लीची और फूल की खेती ज्याद प्रभावित हुई है.

ये हैं बारिश प्रभावित जिले

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम में चंपारण से लेकर पूर्व में सीमांचल तक, गंगा के उत्तर में 19 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. हालांकि, दक्षिण बिहार के जिलों में नुकसान कम हुआ, क्योंकि वहां केवल हल्की बारिश हुई. सबसे ज्यादा नुकसान वाले जिलों में पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, बेगूसराय, समस्तीपुर, मधुबनी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर हैं. इन जिलों में खराब मौसम के चलते शुक्रवार और शनिवार को जमकर बारिश हुई.

बेमौसम बारिश से 9 जिलों में फसलें चौपट

वहीं, पिछले हफ्ते खबर सामने आई थी कि आंध्र प्रदेश में भी बेमौसम बारिश से 9 जिलों में फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. तेज हवा के चलते मक्का सहित कई फसलें जमीन पर गिर गई हैं. साथ ही खेतों में जलभराव भी हो गया है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान पर दो दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जिला कलेक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. वहीं, कहा जा रहा है कि बारिश से कुल 63 करोड़ रुपये का फसल नुकसान हुआ है.

आंध्र प्रदेश में इतने करोड़ रुपये का नुकसान

अधिकारियों के अनुसार, 12 जिलों के 42 मंडलों में 4,840 हेक्टेयर में मक्का, 1,534 हेक्टेयर में धान और 310 हेक्टेयर में उड़द की फसल को नुकसान हुआ है. इस फसल नुकसान का अनुमान करीब 40 करोड़ रुपये लगाया गया है. इसके अलावा, 9 जिलों के 48 मंडलों में 1,301 हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें केला, पपीता, मिर्च, सब्जियां और आम शामिल हैं. बागवानी फसलों में करीब 23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. कुल मिलाकर फसलों को 63 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है.

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Published: 23 Mar, 2026 | 07:13 PM
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