संसद सत्र में पेश होंगे सीड एक्ट और पेस्टीसाइड एक्ट? कृषि मंत्री बोले- जुर्माना राशि 50 लाख रुपये होगी  

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दोनों एक्ट में नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभी केवल 1000 रुपये या 500 रुपये जुर्माना राशि होती है. इससे आरोपी बीज कंपनियों को फर्क ही नहीं पड़ता. इसलिए अब नए सीड एक्ट में जुर्माना राशि बढ़ाई जा रही है.

नोएडा | Updated On: 1 Mar, 2026 | 07:13 PM

किसानों को घटिया बीज और नकली कीटनाशक बेचकर ठगने वालों की अब खैर नहीं रहेगी. क्योंकि, 9 मार्च से संसद में शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे हिस्से में कृषि के लिए जरूरी सीड एक्ट और पेस्टीसाइड एक्ट को पेश किया जाएगा. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कृषि के लिए जरूरी सीड एक्ट और पेस्टीसाइड एक्ट जल्दी लाने वाले हैं. उन्होंने कहा कि दोनों एक्ट के नियमों को सख्त किया गया है ताकि किसान और खेती का नुकसान करने वालों को सबक सिखाया जा सके.

सीड एक्ट और पेस्टीसाइड एक्ट संसद सत्र में लाएगी सरकार

केंद्रीय कृषि मंत्री ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसान को प्रमाणित बीज कैसे मिले, वह बहुत जरूरी है. घटिया बीज मिलते हैं, तो फसलें खराब हो जाती हैं, उत्पादन कम होता है. उन्होंने कहा कि जो घटिया बीज देगा, उसके खिलाफ सख्त कानून का प्रावधान कर रहे हैं. हम किसानों की सुरक्षा और कृषि को  एक सीड एक्ट हम पार्लियामेंट में लाने वाले हैं, और दूसरा पेस्टिसाइड एक्ट.

जुर्माना राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक की जाएगी

कृषि मंत्री ने कहा कि दोनों एक्ट में नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभी केवल 1000 रुपये या 500 रुपये जुर्माना राशि होती है. इससे आरोपी बीज कंपनियों को फर्क ही नहीं पड़ता. इसलिए अब नए सीड एक्ट में जुर्माना राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की जाएगी. वहीं, पेस्टिसाइड एक्ट के तहत अगर किसी ने गलत पेस्टिसाइड दिया तो उनके खिलाफ भी सख्त सजा के प्रावधान हम लोग रख रहे हैं. क्योंकि किसान को चाहिए कुछ और कीटनाशक होता है, लेकिन किसान को कहते कुछ हैं और पकड़ा कुछ देते हैं. ये दो रिफॉर्म हैं, ये होंगे.

भारत विस्तार एआई से रोग, मौसम, बीज खाद की जानकारी मिलेगी

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसके अतिरिक्त भारत विस्तार AI प्लेटफार्म बनाया है, जिसमें किसान को एक जगह सारी जानकारी मिल जाए. वह फोन करे और फोन पर ही दूसरी तरफ से आवाज आए और उसको सारी जानकारी मिल जाए. इसमें किसानों को बीज की जानकारी, खाद के बारे में, फसल में रोग लग गया तो उसके बारे में, मौसम की जानकारी, योजनाओं की जानकारी भी किसानों को मिलेगी. भारत विस्तार एआई भी कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा रिफॉर्म साबित होगा. उन्होंने कहा कि इसी तरह कृषि के विकास के लिए कई और रिफॉर्म किए जा रहे हैं.

हमारा फोकस भरपूर खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराना

ये दोनों विभाग हमारे देश और हमारी जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. खेती इसलिए कि हमको देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करनी है. 140 करोड़ भारतवासियों को भरपूर अनाज, फल, सब्ज़ियां मिलें इसका इंतजाम करना है. इसलिए हमारा लक्ष्य है कृषि विकास. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना. पोषक युक्त खाद्य पदार्थ जनता को मिले इसकी चिंता करना.

किसानों को खेती में बदलाव करने की जरूरत

हमारे छोटी-छोटी जोत वाली खेती को कैसे हम फायदे का धंधा बनाएं, इसके लिए काम किया जा रहा है ताकि किसान आसानी से जिंदगी गुजार सके. उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत घटाना, उत्पादन के ठीक दाम देना हमारा लक्ष्य है. वहीं, किसान का अगर नुकसान हो जाए तो उसकी भरपाई का इंतजाम करना और कृषि का विविधीकरण करना हमारी जिम्मेदारी है. इसके लिए गहनता से काम किया जा रहा है.  किसानों को परंपरागत खेती से हटकर फसलों में भी विविधता लानी पड़ेगी. पद्धतियां भी बदलनी पड़ेंगी, नई टेक्नोलॉजी अपनानी पड़ेगी.

Published: 1 Mar, 2026 | 07:11 PM

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