Madhya Pradesh Stubble Burning Ban Order: मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं की नरवाई (पराली) या फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. लेकिन, कई जिलों में गेहूं कटाई के बाद नरवाई (गेहूं का बचा डंठल) जलाने के मामले सामने आ रहे हैं. देवास, नर्मदापुरम में उल्लंघन करने वाले 14 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई. इसके अलावा 15 किसानों पर 42 हजार रुपये से ज्यादा रकम का जुर्माना लगाया गया है. बता दें कि राज्य सरकार ने नरवाई जलाने पर प्रति घटना 15 हजार रुपये तक का किसानों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है.
नर्मदापुरम में 19 किसानों पर कार्रवाई, एफआईआर और जुर्माना लगा
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नरवाई जलाने के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसके तहत एसडीएम की ओर से नरवाई जलाने के आरोप में 4 किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जबकि 15 किसानों पर 42 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. एसडीएम आकीप खान ने जारी बयान में कहा है कि बनखेड़ी में नरवाई जलाने के अधिक मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने ब्लॉक से लगे नरवाई वाले खेतों का निरीक्षण किया. संबंधित किसानों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जुर्माना लगाने के निर्देश तहसीलदार को दिए गए हैं. जिले में अब तक कुल 15 किसानों पर जुर्माना लगाया गया है. इनमें बनखेड़ी ब्लॉक के 13 और पिपरिया ब्लॉक के 2 किसान शामिल हैं.
देवास में नरवाई जलाने पर 10 किसानों पर एफआईआर दर्ज
देवास जिले के कलेक्टर ऋतुराज सिंह के सख्त निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से पर्यावरण संरक्षण एवं मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से नरवाई जलाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. उपसंचालक कृषि विभाग गोपेश पाठक सरकारी बयान में कहा कि अभी तक जिले में नरवाई जलाने पर 10 किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. देवास तहसील के ग्राम लिम्बोदा, सुमराखेड़ा, बैरागढ़, लसुड़ियासोंडा, मेंढकीचक, लोहार पीपल्या और सतवास तहसील के ग्राम बाईजगवाड़ा के अलावा कन्नौद तहसील के ग्राम बारूट खेड़ा के साथ ही टोंकखुर्द तहसील के ग्राम बिरगोद के किसानों पर कार्रवाई की गई है.
नरवाई जलाने पर प्रतिबंध का आदेश जारी
धार जिले के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी संजीव केशव पाण्डेय द्वारा नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में रोक लगाने का आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि फसलों की कटाई में उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक कंबाईन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अथवा स्ट्रा रीपर में से किसी एक मशीन का इस्तेमाल अनिवार्य है. बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर के कंबाईन हार्वेस्टर चलाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी. इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाएगी.
नरवाई जलाने से खेती को भयंकर नुकसान
सरकारी आदेश में कहा गया है कि खेतों में फसल अवशेष या गेहूं की नरवाई जलाने से मिट्टी के लाभदायक सूक्ष्म जीव और जैविक कार्बन नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है. इसके साथ ही पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. किसानों से अपील की गई है कि वे नरवाई न जलाकर उसका उपयोग मल्चिंग, स्ट्रा रीपर से भूसा बनाने, पशु आहार या भूसे की बिक्री के जरिए अतिरिक्त कमाई हासिल करें.
हर बार नरवाई जलाने पर 15 हजार का लगेगा जुर्माना
मध्यप्रदेश के पर्यावरण विभाग के नोटिफिकेशन और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत नरवाई जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है. उल्लंघन करने पर जुर्माना और वैज्ञानिक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. इसके तहत उल्लंघन करने दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक भूमि वाले किसानों पर 5000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 रुपये हर घटना पर लगाया जाएगा. आदेश के पालन के लिए संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, कृषि विभाग के अधिकारी और राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है.