बिहार कैबिनेट विस्तार में भाजपा सबसे मजबूत, JDU को 13 मंत्रालय… पहली बार मंत्री बने निशांत कुमार

मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा सबसे मजबूत पार्टी बनकर सामने आई. पार्टी को कुल 15 मंत्री पद मिले. भाजपा की ओर से जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, उनमें कई पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ नए नेताओं को भी मौका मिला. वहीं JDU को 13 मंत्रालय दिए गए.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 7 May, 2026 | 01:13 PM

Bihar cabinet expansion: बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद खास और चर्चाओं से भरा रहा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में NDA सरकार के मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार हुआ. इस विस्तार में भाजपा को सबसे ज्यादा 15 मंत्री पद मिले, जबकि JDU को 13 मंत्रालय दिए गए. इसके अलावा NDA के अन्य सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली. अब बिहार कैबिनेट में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 35 मंत्री हो गए हैं. हालांकि अभी भी एक मंत्री पद खाली रखा गया है.

पटना के ऐतिहासिक गांधी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. पूरे कार्यक्रम को NDA के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया.

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव

इस कैबिनेट विस्तार को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं. सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर रही. उन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली. इसे JDU की नई राजनीतिक रणनीति और भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार की एंट्री आने वाले समय में बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकती है.

भाजपा को मिले सबसे ज्यादा मंत्री पद

मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा सबसे मजबूत पार्टी बनकर सामने आई. पार्टी को कुल 15 मंत्री पद मिले. भाजपा की ओर से जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, उनमें कई पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ नए नेताओं को भी मौका मिला.

भाजपा की ओर से राम कृपाल यादव, केदार प्रसाद गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाया गया. इन नामों से साफ संकेत मिला कि भाजपा ने इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है. पार्टी ने पिछड़े, दलित, महिला और युवा नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया.

JDU को मिले 13 मंत्रालय

JDU को मंत्रिमंडल में 13 सीटें मिलीं. पार्टी की ओर से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत, बुलो मंडल, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, जमा खान और अशोक चौधरी को मंत्री बनाया गया. JDU ने भी अपने मंत्रिमंडल में सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश की. पार्टी ने अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों के नेताओं को जगह देकर अपना जनाधार मजबूत करने का संदेश दिया.

सहयोगी दलों को भी मिला मौका

NDA के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिला. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद दिए गए. पार्टी की ओर से संजय पासवान और संजय सिंह को मंत्री बनाया गया.

वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की ओर से संतोष सुमन को मंत्रिमंडल में जगह मिली. राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया. इससे साफ हो गया कि NDA ने अपने सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई है.

सीएम समेत कुल 35 मंत्रियों की लिस्ट

  • सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
  • विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री
  • बिजेंद्र प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री
  • श्रवण कुमार
  • विजय कुमार सिन्हा
  • दिलीप कुमार जायसवाल
  • निशांत कुमार
  • लेशी सिंह
  • रामकृपाल यादव
  • नीतीश मिश्रा
  • दामोदर रावत
  • संजय सिंह टाइगर
  • अशोक चौधरी
  • भगवान सिंह कुशवाहा
  • अरुण शंकर प्रसाद
  • मदन सहनी
  • संतोष कुमार सुमन
  • रमा निषाद
  • रत्नेश सदा
  • कुमार शैलेंद्र
  • शीला कुमारी
  • केदार प्रसाद गुप्ता
  • लखेंद्र कुमार रौशन
  • सुनील कुमार
  • श्रेयसी सिंह
  • जमा खान
  • नंद किशोर राम
  • शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल
  • प्रमोद कुमार
  • श्वेता गुप्ता
  • मिथिलेश तिवारी
  • रामचंद्र प्रसाद
  • संजय कुमार सिंह
  • संजय कुमार
  • दीपक प्रकाश

गांधी मैदान में दिखा बड़ा शक्ति प्रदर्शन

पटना का गांधी मैदान गुरुवार को पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम में पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए खास तैयारियां की गई थीं. प्रधानमंत्री विशेष विमान से पटना पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे गांधी मैदान पहुंचे. कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में बदला गया था. करीब 3000 जवानों की तैनाती की गई थी. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही थी.

विपक्ष ने भी साधा निशाना

कैबिनेट विस्तार को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए. विपक्ष का कहना रहा कि यह कार्यक्रम विकास से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन पर केंद्रित रहा. हालांकि NDA नेताओं ने इसे बिहार के विकास और स्थिर सरकार के लिए जरूरी कदम बताया.

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कैबिनेट विस्तार में NDA ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया है. अलग-अलग समुदायों के नेताओं को शामिल करके सरकार ने बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की. महिलाओं, पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को भी प्रतिनिधित्व देकर सरकार ने सामाजिक संतुलन बनाने का प्रयास किया.

बिहार की राजनीति में आगे क्या?

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है. खासकर निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री आने वाले समय में JDU की दिशा और नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं पैदा कर रही है. अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई टीम बिहार के विकास और राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में लेकर जाती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 7 May, 2026 | 01:06 PM

लेटेस्ट न्यूज़