Bird Flu Attack: बर्ड फ्लू से 10 हजार मुर्गियों की मौत.. कई राज्यों में अलर्ट, पोल्ट्री कारोबार ठप
Poultry Industry: देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में डर और कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है. हजारों पक्षियों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कदम उठाए हैं. वहीं असम में स्वाइन फीवर से कई सुअरों की मौत हुई है. बीमारी के प्रकोप से पशुपालकों को भारी नुकसान पहुंचा है.
Bird Flu: देश में एक बार फिर बर्ड फ्लू का खतरा तेजी से फैलता नजर आ रहा है. छत्तीसगढ़ से लेकर बिहार, केरल और नेपाल सीमा तक हालात चिंताजनक हो चुके हैं. कहीं हजारों मुर्गियों की मौत हो रही है, तो कहीं प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं. पोल्ट्री कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों में डर का माहौल बन गया है. इसके साथ ही असम में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने भी पशुपालकों की कमर तोड़ दी है. ऐसे में यह साफ है कि पशुपालन से जुड़े सेक्टर पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है, जिसका असर आम लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू से हड़कंप, बिक्री पर रोक
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू ने हालात अचानक बिगाड़ दिए हैं. कोनी के सरकारी पोल्ट्री फार्म में 5500 से ज्यादा मुर्गियों की मौत के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शहर और आसपास के 10 किलोमीटर इलाके में चिकन और अंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस फैसले से जहां लोगों में डर बढ़ा है, वहीं व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. रोजाना करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित बताया जा रहा है.
5500 से ज्यादा मुर्गियों की मौत, जांच में हुआ खुलासा
शुरुआत में मुर्गियों की मौत को सामान्य बीमारी समझा गया था. लेकिन जब संख्या तेजी से बढ़ने लगी, तो अधिकारियों को शक हुआ. इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए और रिपोर्ट आने पर बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई. इस खबर के सामने आते ही पूरे इलाके में डर फैल गया. खासकर पोल्ट्री से जुड़े लोग ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनका काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
| राज्य/क्षेत्र | बीमारी | प्रभावित जगह | मौत/कुलिंग (संख्या) | प्रशासनिक कदम | असर |
|---|---|---|---|---|---|
| छत्तीसगढ़ (बिलासपुर) | बर्ड फ्लू (H5N1) | कोनी पोल्ट्री फार्म | 5500+ मुर्गियों की मौत | 10 किमी में चिकन-अंडा बिक्री पर रोक | 1 करोड़ का नुकसान |
| बिहार (पटना | बर्ड फ्लू (H5N1) | कई इलाके | 4575 मुर्गियां मारी गईं, 9662 अंडे नष्ट | 1 किमी क्षेत्र संक्रमित घोषित, जू बंद | दहशत और सख्ती बढ़ी |
| केरल (अलाप्पुझा, कोट्टायम | बर्ड फ्लू (H5N1) | कई जिले | 5000+ पक्षियों को मारने की तैयारी | निगरानी और कंट्रोल प्लान | संक्रमण रोकने की कोशिश |
| नेपाल (सीमा क्षेत्र) | बर्ड फ्लू | नए केस मिल रहे | अभी डेटा स्पष्ट नहीं | यूपी बॉर्डर पर अलर्ट, जांच बढ़ी | सतर्कता बढ़ाई गई |
| असम | अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) | 400+ स्थान | बड़े स्तर पर सूअरों की मौत/कुलिंग | संक्रमित सूअरों को मारना | किसानों की आय खत्म |
बिहार में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि, सख्त कदम जारी
बिहार की राजधानी पटना में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं. कई जगहों पर कौओं और मुर्गियों की अचानक मौत के बाद जांच कराई गई, जिसमें H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित घोषित कर दिया है. अब तक 4575 मुर्गियों को मारा जा चुका है, 9662 अंडे और 530 किलो दाना नष्ट किया गया है. साथ ही दवा का छिड़काव किया जा रहा है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. पटना जू को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और वहां लगातार सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है.
केरल में भी अलर्ट, हजारों पक्षियों को मारने की तैयारी
केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम समेत कई इलाकों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं. अलाप्पुझा जिले के एक गांव में H5N1 की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. करीब 5,000 से ज्यादा पक्षियों को मारने की योजना बनाई गई है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
बर्ड फ्लू और स्वाइन फीवर से बढ़ा संकट और नुकसान.
नेपाल में बढ़ते केस, यूपी बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
नेपाल में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. प्रशासन ने बैठक कर रणनीति तैयार की है और सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. सीमा से जुड़े इलाकों में खास निगरानी रखी जा रही है. पोल्ट्री फार्मों की जांच, सैंपल टेस्टिंग और संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों से अफवाहों से बचने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है.
असम में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से किसानों पर संकट
जहां एक तरफ बर्ड फ्लू फैल रहा है, वहीं असम में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) ने सूअर पालकों की हालत बेहद खराब कर दी है. इस बीमारी का अभी तक कोई पक्का इलाज या वैक्सीन नहीं है और करीब 400 जगहों पर इसके मामले सामने आ चुके हैं. कई इलाकों में बड़े स्तर पर सूअरों को मारना पड़ा है. एक किसान के 84 सूअरों को अक्टूबर 2025 में मार दिया गया, जिससे उसकी पूरी कमाई खत्म हो गई. पहले वह हर महीने करीब 50 हजार रुपये तक कमा लेता था, लेकिन अब उसके पास आय का कोई साधन नहीं बचा है. सूअर पालन असम और पूर्वोत्तर में तेजी से मुनाफा देने वाला काम माना जाता है. लेकिन इस बीमारी ने न सिर्फ किसानों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे गांव की आर्थिक व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.
बर्ड फ्लू से हड़कंप, बिक्री पर रोक.
क्या है बर्ड फ्लू और क्यों जरूरी है सावधानी
पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) एक खतरनाक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मुर्गियों, बतखों और अन्य पक्षियों को प्रभावित करती है. यह H5N1 जैसे वायरस से फैलती है और संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों तक भी पहुंच सकती है, जिससे सांस से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है. मंत्रालय ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. बीमार या मृत पक्षियों से दूर रहें और उन्हें हाथ न लगाएं. चिकन और अंडे को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. कच्चे मांस से बचें और हमेशा हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं.