खाद संकट पर किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर के बिना डीजल नहीं देने पर भड़के, हंगामा और नारेबाजी

Farmers protest over fertilizer crisis: नाराज किसानों ने ट्रैक्टर को रस्सी से खींचकर अपनी समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा. किसानों कहा कि समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए तो खरीफ सीजन की खेती प्रभावित होगी और किसान पर आर्थिक संकट बढ़ जाएगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Jun, 2026 | 01:40 PM

खाद संकट से परेशान किसानों अब सड़कों पर उतर रहे हैं. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सैंकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इस दौरान कलेक्टर कार्यालय में घुसने को लेकर पुलिस से धक्कामुक्की हुई. किसानों ने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि खूब खाद मौजूद है. जबकि, हकीकत में दुकानों पर खाद नहीं है. किसान खाद के लिए भटक रहे हैं. इसके साथ ही किसानों ने ट्रैक्टर के बिना डीजल नहीं दिए जाने के नियम का भी विरोध किया और सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है.

बैलगाड़ी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान

खरीफ सीजन से पहले डीएपी खाद की कमी और कालाबाजारी के आरोपों को लेकर किसानों ने जिला मुख्यालय में अनोखा प्रदर्शन किया. जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव के नेतृत्व में किसान बैलगाड़ी और ट्रैक्टर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद की खाली बोरियां गले में लटकाईं और प्रतीकात्मक रूप से फंदा हाथ में लेकर अपनी नाराजगी जताई. बाद में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई.

सहकारी समितियों पर खाद नहीं

मानसून सक्रिय होने के साथ ही खेती-किसानी की तैयारियां तेज हो रही हैं, लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शन में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि जिले की कई सहकारी समितियों में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है, जबकि निजी बाजार में खाद की उपलब्धता और भंडारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं. किसानों ने बैलगाड़ी और ट्रैक्टर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने खाद संकट के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की.

खाद केंद्र से किसानों को लौटाने का आरोप

जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव ने मीडिया से कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से खेती की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि किसान समितियों के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं. जब किसान बिक्री केंद्र पर खाद लेने जाते हैं तो उन्हें अगले दिन आने को कहकर लौटा दिया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए.

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किसान बैलगाड़ी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर धरना दिया.

ट्रैक्टर के बिना डीजल नहीं देने का नियम वापस लेने की मांग

किसान दयालुराम वर्मा समेत अन्य किसानों ने कहा कि नए निर्देशों के तहत पेट्रोल पंपों पर डब्बों में डीजल नहीं दिया जा रहा है और उन्हें ट्रैक्टर लेकर ही पेट्रोल पंप पहुंचने के लिए कहा जाता है. किसानों के अनुसार खेतों में खड़े ट्रैक्टरों को पेट्रोल पंप तक लाने और वापस ले जाने में अतिरिक्त डीजल खर्च होता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. किसानों ने मांग की कि खेती-किसानी के कार्यों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

समय पर खाद नहीं मिली तो चौपट होंगी फसलें

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने ट्रैक्टर को रस्सी से खींचकर अपनी समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखा. किसानों का कहना है कि यदि समय पर डीएपी और अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए गए तो खरीफ सीजन की खेती प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है.

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Published: 16 Jun, 2026 | 01:34 PM

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