गर्मियों में अंडा सस्ता पर चिकन क्यों हो जाता है महंगा? क्या है इसके पीछे का राज.. जानें एक्सपर्ट की राय

पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख ने कहा कि गर्मी में मुर्गियों को हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. सबसे ज्यादा मुर्गियों की मौत हीट स्ट्रोक से ही होती है. इसलिए हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए उन्हें ठंडा और साफ पानी दें और छायादार जगह पर रखें.

वेंकटेश कुमार
नोएडा | Updated On: 4 Apr, 2026 | 05:15 PM

Chicken Price Hike: गर्मी के मौसम आते ही अंडा सस्ता हो जाता है, लेकिन चिकन का रेट बढ़ जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि दोनों ही नॉनवेज आहार हैं, तो गर्मी के मौसम में अंडा ही केवल सस्ता क्यों होता है? चिकन की कीमतों में कमी क्यों नहीं आती है? हालांकि, उपभोक्ताओं में जहन में इस तरह का सवाल आना स्वभाविक भी है. तो आइए जानते हैं पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख से कि गर्मियों में अंडा सस्ता और चिकन महंगा क्यों हो जाता है.

पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में चिकन के दाम अक्सर बढ़ जाते हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि ज्यादा गर्मी में पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की मृत्यु दर  बढ़ जाती है. साथ ही उनका वजन भी बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है. ऐसे में उत्पादन लागत जैसे बिजली और चारा महंगा हो जाता है. इसके अलावा, शादी और उत्सव के सीजन में होलसेल मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने की वजह से कीमतें बढ़ जाती हैं. कई राज्यों में इसका रेट 300 रुपये से 250 रुपये किलो तक पहुंच जाता है. ऐसे सर्दी के मौसम के दौरान रिटेल मार्केट में अमूमन चिकन 180 से 200 रुपये किलो बिकता है.

गर्मी में मुर्गियों का वजन क्यों घट जाता है?

एफएम शेख ने बताया कि तेज गर्मी के कारण मुर्गियां कम खाना खाती हैं और ज्यादा पानी पीती हैं, जिससे उनका वजन घट जाता है और कई मुर्गियां मर जाती हैं, जिससे चिकन की सप्लाई कम हो जाती है. साथ ही गर्मी से बचाने के लिए फार्मों में कूलर और पंखे चलाने पड़ते हैं, जिससे बिजली और रख-रखाव की लागत बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बढ़ता तापमान मुर्गियों के स्वास्थ्य पर सीधे असर डालता है. उनके अनुसार, गर्मियों में मुर्गियों का वजन सामान्य 2.5-3 किलो के बजाय घटकर 1.5-1.75 किलो हो जाता है. इसका सीधा असर उत्पादन और बाजार कीमतों पर पड़ता है. कम वजन होने से सप्लाई घटती है और चिकन महंगा हो जाता है.

गर्मी में मुर्गियों को हीट स्ट्रोक का खतरा

पोल्ट्री फार्मर्स ब्रॉयलर्स वेलफेयर फेडरेशन (उत्तर प्रदेश) के प्रेसिडेंट एफएम शेख ने कहा कि गर्मी में मुर्गियों को हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. सबसे ज्यादा मुर्गियों की मौत हीट स्ट्रोक से ही होती है. इसलिए हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए उन्हें ठंडा और साफ पानी दें और छायादार जगह पर रखें. पानी में इलेक्ट्रोलाइट या नींबू मिलाया जा सकता है. दाना केवल सुबह और शाम के ठंडे समय में दें. उन्होंने कहा कि शेड में पंखे या फॉगर्स लगाएं, छत पर पानी छिड़कें और मुर्गियों की भीड़ कम रखें. उन्होंने कहा कि दोपहर में दाना न दें, बल्कि हर 2-3 घंटे पर इलेक्ट्रोलाइट और विटामिन C वाला ठंडा पानी बदलते रहें. हरी सब्जियां जैसे पुई साग और तरबूज भी दें.

गर्मी से बचाने के लिए छत को करें पेंट

उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में शेड की छत को सफेद पेंट करें, ताकि गर्मी कम सोखे. इसके अलावा बिछावन को हमेशा सूखा रखें और 2 इंच से ज्यादा मोटा न होने दें, क्योंकि यह गर्मी जमा करता है. गर्मियों में मुर्गियों की संख्या भी कम रखें, ताकि उन्हें घूमने और ठंडी जगह पर आराम करने की जगह मिल सके.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश

पीआईबी (2024-25) के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश  है. देश में अनुमानित 149.11 अरब अंडे का उत्पादन हुआ, जो 2014-15 से दोगुना से भी ज्यादा है. प्रति व्यक्ति अंडे की उपलब्धता 106 अंडे प्रति वर्ष हो गई है. आंध्र प्रदेश अकेले 18.37 फीसदी अंडा उत्पादित करता है.

 

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Published: 4 Apr, 2026 | 04:16 PM
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