कृषि मंडियों में पुरानी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ ही किसानों के लिए आवक, बिक्री की प्रक्रियाएं आसान बनाने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने राज्य की कृषि उपज मंडी समितियों को विकसित करने के लिए राशि को मंजूरी दे दी है. यह राशि मंडियों को डिजिटल, मॉडर्न बनाने के साथ ही किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाओं से सुसज्जित की जाएंगी. पहले चरण में राजस्थान की 6 मंडियों के नाम जारी कर दिए गए हैं.
125 मंडियों को मॉडर्न करने की तैयारी
राजस्थान में कुल 125 मुख्य कृषि उपज मंडी समितियां (APMCs) और उप मंडियां हैं और इनमें किसानों की उपज को खरीदा जाता है. इन मंडियों के जरिए राज्यभर में कृषि उत्पादों की मार्केटिंग और व्यापार का संचालन किया जाता है. इसके अलावा ई-नाम (eNAM) पोर्टल से भी राज्य की 170 से अधिक मंडियां दर्ज हैं. अब राज्य सरकार ने इन सभी मंडियों को मॉडर्न और डिजिटल करते हुए विकसित करने की घोषणा की है. पहले चरण में 6 मंडियों के विकास का खाका तैयार किया गया है.
मुख्यमंत्री ने 18 करोड़ से ज्यादा राशि को मंजूरी दी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यभर की कृषि उपज मंडी समितियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 18.86 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह राशि मंडी यार्ड का निर्माण, संपर्क सड़कों का विकास और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में खर्च किया जाएगा. इसके साथ ही मंडी समितियों को डिजिटल और मॉडर्न किया जाएगा.
पहले चरण में 6 मंडियों के नाम शामिल
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पहले चरण में मंडियों के विकास कार्य के लिए सूची जारी की गई है, जिसमें पाली की सोजत सिटी मंडी, सीकर जिले की पलसाना और श्रीमाधोपुर मंडी, बीकानेर की अनाज मंडी को शामिल किया गया है. इसके साथ ही नागौर जिले की मेड़ता सिटी मंडी और जयपुर के दूदू स्थिति मंडी के विकास के लिए भी शामिल किया गया है. अगले चरण में राज्य की अन्य मंडी समितियों में विकास कार्य किए जाएंगे.

किसानों के लिए प्रक्रिया सरल होगी
सरकारी बयान में कहा गया है कि इन विकास परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों के लिए बुनियादी ढांचा सुविधाओं में सुधार करना, कृषि उपज के बाजारों तक सुगम परिवहन को पक्का करना और कृषि विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है. अनाज भंडारण और किसानों के वाहनों को खड़ा करने के लिए शेड और जगह उपलब्ध कराना शामिल है. इसके साथ ही पर्ची कटाई, रजिस्ट्रेशन, भुगतान आदि प्रक्रिया को डिजिटल करने के साथ ही तौल कांटों को मॉडर्न करना शामिल है.
मंडियों में फसल आवक बढ़ेगी और राजस्व भी
राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि मंडियों तक बेहतर संपर्क व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि मंडियों में फसलों की आवक बढ़ने और राजस्व में बढ़त होगी. इसके अलावा व्यापार में सुधार होने से किसानों को भी मंडी में अपनी उपज लाने में आसानी होगी. साथ ही व्यापारियों और किसानों के बीच खरीद और भुगतान की शिकायतें दूर कर समन्वय को बेहतर करने में मदद मिलेगी.