हल्दी, धान, मक्का और नारियल जैसी फसलों की खरीद सहकारी समितियां करेंगी. तमिलनाडु सरकार ने छोटे किसानों को अपनी उपज बिक्री के लिए सहकारी समितियों को निर्देशित किया है और 10 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. राज्य सरकार ने सहकारी क्षेत्र के लिए की 39 पहल की घोषणा करते हुए कहा है कि सहकारी समितियों के जरिए किसानों को वित्तीय मदद देने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. यह रकम महिला समूहों, वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने समेत अन्य कृषि कार्यों के लिए लोन के रूप में दी जाएगी.
तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज ने सहकारिता क्षेत्र के जरिए छोटे किसानों और महिलाओं की आर्थिक निर्भरता बढ़ाने के लिए 39 नई पहल लागू करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 39 पहल लागू की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर छोटे किसानों और महिलाओं को कारोबार शुरू करने में वित्तीय मदद करेंगी. उन्होंने कहा कि छोटे स्तर के कारोबार शुरू करने के लिए ग्रामीणों, छोटे किसानों और महिलाओं को सहकारी समितियों से पैसा मिल सकेगा.
ग्रामीण कारोबार के लिए फंड की व्यवस्था की गई
सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज ने सिंगापेंगल उद्यमिता ऋण योजना के लिए 7,015 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. मंत्री ने विधानसभा में कहा कि सिंगापेंगल उद्यमिता ऋण योजना को सहकारी समितियों के माध्यम से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण, कस्बाई क्षेत्रों में उद्यम लगाने के लिए सहकारी समितियों के जरिए यह रकम आवेदकों को दी जाएगी. छोटे और सीमांत किसानों को सहायता के लिए ग्रामीण कारोबार के लिए 5,000 करोड़ रुपये का ऋण का प्रावधान किया है. इन ऋण पर ब्याज दर 9 फीसदी होगी. उपज गिरवी ऋण के लिए आवंटन बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये किया गया है.
समूहों से जैविक उत्पाद खरीदेगा सहकारी महासंघ
मंत्री ने कहा कि सरकार ने 50 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक कृषि ऋण को फिर से शुरू किया है. साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने में मदद के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सहकारी उत्पादों की बाजार में पहुंच मजबूत करने और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्यभर में बेचे जाने वाले ऐसे सभी उत्पादों पर अब ‘वेट्री’ नाम का साझा ब्रांड चिह्न होगा. मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सहकारी विपणन महासंघ बीज और उर्वरक की बिक्री बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपये करेगा. महासंघ स्वयं सहायता समूहों से सीधे जैव-उर्वरक खरीदेगा.
धान मक्का, हल्दी और नारियल की खरीद करेंगी समितियां
सहकारिता मंत्री ने कहा कि धान, हल्दी, मक्का और नारियल जैसी प्रमुख फसलों की खरीद में बिचौलियों को हटाने के लिए 50 सहकारी विपणन समितियों को खरीद की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए राज्य सरकार ने 50 करोड़ रुपये की कृषि उत्पाद खरीद की व्यवस्था की है. कहा गया है कि कम उपज वाले किसानों को मंडियों की बजाय सहकारी समिति पर बिक्री की अनुमति दी जाएगी.