13 लाख किसानों के खाते में भेजे गए 12 हजार करोड़, MSP के हिसाब से सरकार ने किया पेमेंट

ओडिशा में खरीफ 2025-26 सीजन के तहत 58.84 लाख टन धान की खरीद हुई है, जिससे 13.69 लाख किसानों को लाभ मिला. MSP के रूप में 12,916 करोड़ रुपये और 3,985.63 करोड़ रुपये इनपुट सहायता दी गई, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है.

नोएडा | Updated On: 17 Feb, 2026 | 08:33 PM

Odisha Paddy Procurement News: ओडिशा में चल रहे खरीफ 2025-26 विपणन सीजन के दौरान अब तक 58.84 लाख टन से ज्यादा धान की खरीद की जा चुकी है. इससे 13.69 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिला है और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 12,916 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया है. इसके अलावा राज्य सरकार ने किसानों को इनपुट सहायता के रूप में 3,985.63 करोड़ रुपये भी दिए हैं, जिससे उनकी आय बढ़ी है और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है.

मंडियों में कुल 59.03 लाख टन धान की आवक

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 17 फरवरी तक राज्य की मंडियों में कुल 59.03 लाख टन धान पहुंचा, जिसमें से 58.84 लाख टन की खरीद की जा चुकी है. मिलरों ने 57.20 लाख टन धान प्रोसेसिंग  के लिए उठा लिया है, जिससे खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलने का संकेत मिलता है. हालांकि अभी भी करीब 1.63 लाख टन धान मंडियों में पड़ा है और 1.86 लाख टन धान मिलरों द्वारा उठाए जाने का इंतजार कर रहा है. अधिकारियों ने कहा है कि किसानों को असुविधा न हो, इसके लिए प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित करने के कदम उठाए जा रहे हैं.

7.15 लाख टन से अधिक धान की खरीद हुई

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, जिलों में बरगढ़ सबसे आगे रहा, जहां 7.15 लाख टन से अधिक धान की खरीद हुई. इसके बाद कालाहांडी में 6.20 लाख टन और गंजाम में 4.83 लाख टन धान खरीदा गया. बोलांगीर, संबलपुर, सुबरनपुर और सुंदरगढ़ भी प्रमुख खरीद वाले जिले रहे, जो पश्चिमी ओडिशा में मजबूत कृषि उत्पादन  को दिखाते हैं. खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने कहा कि एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो. साथ ही दी जाने वाली इनपुट सहायता से किसानों को खेती की लागत संभालने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी.

 भुगतान प्रक्रिया किसानों को मजबूत करेगी

अधिकारियों ने बताया कि धान खरीद अभियान तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद है. सरकार ने मंडियों में निगरानी व्यवस्था लागू की है, ताकि समय पर खरीद हो, मिलर जल्दी उठान करें और किसानों को भुगतान  भी तुरंत मिले. ओडिशा की अर्थव्यवस्था में कृषि आज भी अहम भूमिका निभाती है और राज्य की बड़ी आबादी इसी पर निर्भर है. यह खरीद और भुगतान प्रक्रिया किसानों को मजबूत आर्थिक सहारा देगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगी.

Published: 17 Feb, 2026 | 08:30 PM

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