छत्तीसगढ़ में गजब का धान घोटाला, क्रय केंद्र से 8 करोड़ के धान खा गए चूहे, दीमक और कीड़े!

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धान खरीद केंद्रों से 26,000 क्विंटल धान गायब, 5 करोड़ रुपये का हेराफेरी का आरोप. प्रभारी प्रितेश पांडे हटाए गए. जांच में शुरुआती संकेत शिकायत सही पाए गए. कांग्रेस ने चूहा जाल दिखाकर उच्चस्तरीय जांच और तुरंत FIR की मांग की है.

नोएडा | Updated On: 10 Jan, 2026 | 08:09 PM

Paddy scam: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के धान खरीद केंद्र में गड़बड़झाला की खबर सामने आई है. कहा जा रहा है कि क्रय केंद्र से 6,000 क्विंटल धान गायब हो गए हैं. खास बात यह है कि इस मामले में आरोपी कोई नकाबपोश बदमाश नहीं, बल्कि चूहे, दीमक और कीड़े बताए जा रहे हैं. अगर हर क्विंटल की कीमत लगभग 3,100 (एमएसपी + बोनस) मानी जाए, तो कुल नुकसान 8 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो जाता है. अब सवाल ये उठ रहा है कि यह सच में कीड़े-मकोड़ों की समस्या थी या किसी ने कागजों में हेराफेरी कर के धान हड़प लिया.

एनडी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला बाजार चारभट्टा और बघर्रा खरीद केंद्रों से जुड़ा है, जहां 2024-25 सीजन में किसानों से खरीदा गया धान  रखा गया था. दोनों केंद्रों में कुल 26,000 क्विंटल की कमी पाई गई है. बाजार चारभट्टा केंद्र के प्रभारी के खिलाफ उच्चस्तरीय शिकायत दर्ज की गई है, जहां सबसे बड़ी गड़बड़ी पाई गई. शिकायत में अकेले इस केंद्र में करीब 5 करोड़ रुपये के हेराफेरी का आरोप लगाया गया है. शिकायत सिर्फ ‘धान की कमी’ तक सीमित नहीं है, इसमें व्यवस्थित हेराफेरी के आरोप हैं. धान के आने-जाने के फर्जी रिकॉर्ड, खरीद के फर्जी बिल, मजदूरों की हाजिरी में झूठ, और सबसे गंभीर रूप से सीसीटीवी में छेड़छाड़, जिसमें महत्वपूर्ण समय पर कैमरे बंद कर दिए गए.

चूहों, कीड़ों और दीमकों से खराब हुआ धान?

जिला मार्केटिंग अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने पुष्टि की कि प्रोक्योरमेंट प्रभारी, प्रितेश पांडे को हटा दिया गया है. लेकिन उनका नुकसान के पीछे का कारण बताना राजनीतिक विवाद का कारण बन गया. उन्होंने कहा कि कमी मौसम और चूहों, दीमकों व कीड़ों की वजह से हुई, और राज्य के 65 केंद्रों की तुलना में कवर्धा की स्थिति ‘काफी अच्छी’ है. उनका कहना है कि धान खुले में रखा गया था और चूहों, कीड़ों और दीमकों से खराब हुआ. हमारी स्थिति कई केंद्रों से बेहतर है. अन्य जगहों पर कमी और ज्यादा है. असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट फूड ऑफिसर मदन साहू, जो शिकायत की जांच कर रहे हैं, ने कहा कि एक कमिटी बनाई गई है और शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने के संकेत मिले हैं. उन्होंने कहा कि शिकायत में स्टॉक आने-जाने, भूसी की आपूर्ति, इनकमिंग और आउटगोइंग स्टॉक में छेड़छाड़ और सीसीटीवी बंद करने जैसी चीजें शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई है.

23 बिंदुओं पर जानकारी मांगी

साहू ने कहा कि उन्होंने 23 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है और अंतिम निष्कर्षों के बाद आगे की कार्रवाई  की जाएगी. मामला उजागर होने के बाद कांग्रेस ने डीएमओ कार्यालय के बाहर अनोखा प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने चूहा जाल लेकर अधिकारियों को दिखाया और मांग की कि उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत FIR दर्ज की जाए. कांग्रेस नेताओं ने मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि जिम्मेदारों को बचाने के लिए दबाव और राजनीतिक समर्थन भी था.

Published: 10 Jan, 2026 | 10:30 PM

Topics: