सरकारी योजना पर साइबर अटैक, हरियाणा में 9,371 किसानों का प्रोत्साहन भुगतान लटका
डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये का प्रोत्साहन देने की योजना चलाई गई थी. लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण करीब 9,371 किसानों को भुगतान नहीं मिला है, जिनकी खेती का कुल क्षेत्र 47,646 एकड़ है.
Cyberattack Haryana farmers payment: हरियाणा में किसानों को धान की खेती के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान तकनीकी कारणों से अटक गया है. राज्य सरकार ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बताया कि क्लाउड सर्वर पर हुए साइबर हमले के कारण हजारों किसानों को अभी तक उनका पैसा नहीं मिल पाया है.
दरअसल, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये का प्रोत्साहन देने की योजना चलाई गई थी. लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण करीब एक तिहाई किसानों का भुगतान अभी भी लंबित है.
विधानसभा में उठा किसानों के भुगतान का मुद्दा
द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या खरीफ 2024 में धान की खेती के लिए DSR तकनीक अपनाने वाले किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई थी.
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इस योजना के तहत अब तक कितने किसानों को लाभ मिला और क्या यह सही है कि करीब 18 से 19 हजार किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है. साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि लंबित राशि कब तक जारी की जाएगी.
इस सवाल का जवाब देते हुए हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य में कुल 27,378 किसान पात्र पाए गए हैं. इन किसानों ने 1,56,891 एकड़ क्षेत्र में DSR तकनीक से धान की खेती की थी. उन्होंने बताया कि इनमें से 18,007 किसानों को पहले ही प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा चुका है. इन किसानों को 1,09,245 एकड़ भूमि के लिए प्रति एकड़ 4,000 रुपये के हिसाब से भुगतान मिला है. लेकिन अभी भी 9,371 किसानों को भुगतान नहीं मिला है, जिनकी खेती का कुल क्षेत्र 47,646 एकड़ है.
साइबर हमले से प्रभावित हुआ डेटा
मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि भुगतान में देरी का मुख्य कारण क्लाउड सर्वर पर हुआ साइबर हमला है. इस योजना से जुड़ा डेटा रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के क्लाउड सर्वर में सुरक्षित रखा गया था. साइबर हमले के बाद सुरक्षा कारणों से इस डेटा क्लस्टर को अस्थायी रूप से अलग कर दिया गया, जिससे विभाग को किसानों का डेटा एक्सेस करने में परेशानी आने लगी. इसी वजह से भुगतान प्रक्रिया रुक गई. साथ ही कृषि विभाग अब रेलटेल के साथ मिलकर इस तकनीकी समस्या को हल करने में लगा हुआ है. जैसे ही डेटा तक पहुंच दोबारा बहाल होगी, लंबित भुगतान तुरंत जारी कर दिया जाएगा.
सरकार ने यह भी कहा है कि यदि तकनीकी समस्या जल्दी हल नहीं होती तो भुगतान जारी करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि किसानों को जल्द से जल्द उनका पैसा मिल सके.
DSR तकनीक को बढ़ावा देने के लिए योजना
सरकार ने DSR तकनीक को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की थी. इस तकनीक में धान की रोपाई के बजाय सीधे बीज बोए जाते हैं. इससे पानी की खपत कम होती है और खेती की लागत भी घटती है. हरियाणा में भूजल स्तर लगातार गिरने की समस्या को देखते हुए सरकार किसानों को इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद
फिलहाल राज्य के 9,371 किसान अपनी प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि जैसे ही सर्वर और डेटा से जुड़ी तकनीकी समस्या हल हो जाएगी, सभी किसानों को उनका बकाया भुगतान कर दिया जाएगा. किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही यह समस्या दूर होगी और उन्हें उनकी मेहनत का हक समय पर मिल सकेगा.