धरती बचाने के लिए पौधे बनेंगे ढाल, 45 करोड़ फल-फूल वाले प्लांट क्लाइमेट चेंज से करेंगे लड़ाई

Earth Day Special: अर्थ डे 2026 के मौके पर पर्यावरण बचाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर पौधारोपण की तैयारी चल रही है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में करोड़ों पौधे लगाने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार और लोग मिलकर हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण घटाने और धरती को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 22 May, 2026 | 02:47 PM

Earth Day 2026: धरती को बचाने की सबसे बड़ी लड़ाई अब पेड़ों के सहारे लड़ी जाएगी. बढ़ती गर्मी, बदलता मौसम, सूखा और प्रदूषण जैसी समस्याओं के बीच देश में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान की तैयारी शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य इस बार मिलकर करीब 45 करोड़ पौधे लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि इनमें फल, फूल और पर्यावरण को मजबूत करने वाले पौधों पर ज्यादा जोर दिया जाएगा. अर्थ डे 2026 के मौके पर यह पहल जलवायु परिवर्तन के खिलाफ बड़ी उम्मीद मानी जा रही है.

अर्थ डे-धरती को बचाने का वैश्विक अभियान

हर साल 22 अप्रैल को पूरी दुनिया में अर्थ डे  यानी इंटरनेशनल मदर अर्थ डे मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और धरती को बचाने के लिए जागरूक करना है. अर्थ डे की शुरुआत साल 1970 में हुई थी. उस समय अमेरिका में प्रदूषण और पर्यावरण नुकसान के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू हुआ था. धीरे-धीरे यह आंदोलन दुनिया के कई देशों तक पहुंच गया. आज के समय में जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है, तब अर्थ डे पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में हालात और मुश्किल हो सकते हैं.

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बड़े पौधारोपण की तैयारी

पिछले साल उत्तर प्रदेश में राज्यव्यापी वृक्षारोपण अभियान के तहत रिकॉर्ड 37 करोड़ 21 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए थे. इस अभियान को देश के सबसे बड़े पर्यावरण कार्यक्रमों  में शामिल माना गया. वहीं मध्य प्रदेश में भी एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियानों के जरिए करोड़ों पौधे लगाए गए. राज्य सरकार लगातार हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दे रही है. अब इस बार दोनों राज्यों में पौधारोपण का लक्ष्य और बढ़ाया जा सकता है. अनुमान है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश मिलकर करीब 45 करोड़ पौधे लगाने पर काम करेंगे. इनमें फलदार, फूलदार और ऑक्सीजन देने वाले पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पर्यावरण के साथ लोगों को भी सीधा फायदा मिल सके.

CAPF जवानों ने लगाए 7 करोड़ से ज्यादा पौधे

केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दिया है. सहकारिता मंत्री अमित शाह  (Amit Shah) ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जवानों द्वारा 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं. यह अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने और देशभर में हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है.

क्लाइमेट चेंज से लड़ाई में पेड़ बनेंगे सबसे बड़ा हथियार

विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ते तापमान और प्रदूषण  को कम करने में पेड़ों की भूमिका बेहद अहम होती है. पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को साफ रखने में मदद करते हैं. फल और फूल वाले पौधे जैव विविधता को भी मजबूत बनाते हैं. इससे पक्षियों और छोटे जीवों को सुरक्षित वातावरण मिलता है. इसके अलावा पेड़ जमीन की नमी बनाए रखने और बारिश के संतुलन में भी मददगार साबित होते हैं. सरकार का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से भविष्य में गर्मी और प्रदूषण के असर को कम किया जा सकता है. यही वजह है कि अब सिर्फ शहरों ही नहीं, गांवों और खेतों में भी हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

हमारी शक्ति, हमारा ग्रह बना नया संदेश

अर्थ डे 2026 की थीम हमारी शक्ति, हमारा ग्रह  रखी गई है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति पर्यावरण बचाने में अपनी भूमिका निभा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ सरकारों के भरोसे पर्यावरण नहीं बचाया जा सकता. लोगों को भी पेड़ लगाने, प्लास्टिक कम इस्तेमाल करने और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने जैसे कदम उठाने होंगे. आज जब पूरी दुनिया जलवायु संकट का सामना कर रही है, तब छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं. ऐसे में आने वाले समय में पौधारोपण अभियान  धरती को बचाने की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर सामने आ रहा है.

Published: 22 May, 2026 | 02:46 PM

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