मुंबई में अंडों की कीमत आसमान पर, एक दर्जन 110 रुपये तक…तो नॉन-वेज भी हुआ महंगा

मुंबई में महंगाई का असर सिर्फ अंडों तक सीमित नहीं है. चिकन और मटन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जहां कुछ समय पहले चिकन 175 से 180 रुपये प्रति किलो मिलता था, वहीं अब अलग-अलग इलाकों में इसके दाम 280 से 320 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 2 Jan, 2026 | 09:34 AM

Egg prices: नए साल पर मुंबई को इस बार महंगाई का ऐसा झटका लगा है, जिसने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. शहर के कई इलाकों में अंडों की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. जहां कुछ हफ्ते पहले तक 100 रुपये दर्जन का आंकड़ा लोगों को चौंकाने वाला लग रहा था, वहीं अब कई बाजारों में अंडे 108 से 110 रुपये प्रति दर्जन तक बिक रहे हैं. अचानक आई इस तेजी ने उपभोक्ताओं को हैरान कर दिया है और बाजार में महंगाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

अलग-अलग इलाकों में अलग दाम, लेकिन चिंता हर जगह

टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार, 31 दिसंबर को मुंबई के प्रमुख रिहायशी और बाजार इलाकों में अंडों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किए गए. अंधेरी के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में अंडे 110 रुपये प्रति दर्जन बिके, जबकि बांद्रा, खार और दादर में दाम 108 रुपये तक पहुंच गए. बोरीवली और विक्रोली जैसे इलाकों में कीमतें थोड़ी कम रहीं, लेकिन वहां भी अंडे 96 रुपये दर्जन से नीचे नहीं आए. कुर्ला के थोक-सह-खुदरा बाजारों में करीब 90 रुपये प्रति दर्जन की दर देखने को मिली, जो पहले की तुलना में काफी ज्यादा है.

त्योहारों और सर्दी ने बढ़ाया दबाव

व्यापारियों के मुताबिक इस तेजी के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. क्रिसमस और नए साल के दौरान केक, पेस्ट्री और बेकरी उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे अंडों की खपत में तेज उछाल आता है. इसके साथ ही उत्तर भारत में पड़ी ठंड ने भी अंडों की खपत बढ़ा दी है, क्योंकि सर्दियों में लोग अंडे को सस्ता और ताकत देने वाला भोजन मानते हैं. दूसरी ओर उत्पादन में अपेक्षाकृत कमी और सप्लाई चेन पर दबाव ने बाजार में ‘कम आपूर्ति’ जैसी स्थिति बना दी.

दुकानों पर अंडे भरे हैं, फिर भी दाम क्यों बढ़े?

दिलचस्प बात यह है कि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में अंडों की कमी दिखाई नहीं देती. दुकानों की शेल्फ पर अंडे मौजूद हैं, फिर भी कीमतें आसमान छू रही हैं. कुछ लोगों का मानना है कि आज के दौर में अंडा सिर्फ नॉन-वेज नहीं रहा, बल्कि फिटनेस और प्रोटीन डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है. जिम जाने वालों और हेल्दी डाइट अपनाने वालों की संख्या बढ़ने से साल भर अंडों की मांग ऊंची बनी रहती है, जिसका असर कीमतों पर पड़ता है.

सिर्फ अंडे ही नहीं, बाकी नॉन-वेज भी महंगे

मुंबई में महंगाई का असर सिर्फ अंडों तक सीमित नहीं है. चिकन और मटन की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जहां कुछ समय पहले चिकन 175 से 180 रुपये प्रति किलो मिलता था, वहीं अब अलग-अलग इलाकों में इसके दाम 280 से 320 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. इसी तरह बकरी का मटन औसतन 850 से 1,000 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि बिना हड्डी वाला मटन 1,400 रुपये किलो तक पहुंच चुका है.

थोक और खुदरा दामों में बड़ा अंतर

व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार में 100 अंडों की दर करीब 710 रुपये चल रही है, जबकि खुदरा बाजार में यही अंडे 90 से 110 रुपये प्रति दर्जन तक बिक रहे हैं. इलाके, डिलीवरी सुविधा और ग्राहकों की मांग के हिसाब से खुदरा कीमतों में फर्क देखने को मिल रहा है. पश्चिमी उपनगरों के पॉश इलाकों में दाम ज्यादा हैं, जबकि पूर्वी हिस्सों में कुछ राहत नजर आती है.

क्या आने वाले दिनों में मिलेगी राहत?

कुछ व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे त्योहारों का असर कम होगा, अंडों की मांग थोड़ी घटेगी और कीमतों में मामूली नरमी आ सकती है. आमतौर पर 31 दिसंबर को मुंबई और नवी मुंबई में चिकन और अंडों की बिक्री साल की सबसे ऊंची रहती है. इसके बाद खपत घटने पर दाम भी धीरे-धीरे नीचे आने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को महंगे अंडों के साथ ही अपनी थाली सजानी पड़ रही है, और यह महंगाई नए साल की शुरुआत में मुंबईकरों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.

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