कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, नकली खाद-कीटनाशक रैकेट का भंडाफोड़.. FIR दर्ज
पंजाब के संयुक्त कृषि निदेशक (पीपी) से सूचना मिलने के बाद डॉ. जतिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने फरीदकोट के नारायण नगर स्थित एक घर में छापेमारी की. पुलिस की मदद से बंद मकान को खोलने पर अधिकारियों को बड़ी मात्रा में बिना अनुमति और एक्सपायरी रासायनिक उत्पाद मिले.
Fake Fertilizer: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ स्थित कंपनी अमरावती एग्रो कॉर्पोरेशन और एक स्थानीय डीलर के खिलाफ नकली खाद और कीटनाशक बेचने के मामले में कार्रवाई की गई है. पंजाब कृषि विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया और फरीदकोट के नारायण नगर स्थित एक मकान पर छापा मारकर बड़े स्तर पर चल रहे नकली खाद-कीटनाशक कारोबार का खुलासा किया. इसके बाद सिटी फरीदकोट थाना में FIR दर्ज की गई.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के संयुक्त कृषि निदेशक (पीपी) से सूचना मिलने के बाद डॉ. जतिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने फरीदकोट के नारायण नगर स्थित एक घर में छापेमारी की. पुलिस की मदद से बंद मकान को खोलने पर अधिकारियों को बड़ी मात्रा में बिना अनुमति और एक्सपायरी रासायनिक उत्पाद मिले. जब्त सामान में अलग-अलग ग्रेड के NPK खाद, जिंक 33 फीसदी, बोरॉन, फेरस सल्फेट, माइकोराइजल बायो फर्टिलाइजर और कई तरह के लिक्विड प्लांट स्टिमुलेंट शामिल हैं. FIR में इस पूरे अवैध स्टॉक का उल्लेख किया गया है.
कुछ उत्पाद एक्सपायर पाए गए
छापेमारी के दौरान प्रेटिलाक्लोर, बिसपाइरीबैक सोडियम और थायमेथोक्साम जैसे रसायनों का भी बड़ा स्टॉक मिला, जिनमें कुछ उत्पाद एक्सपायर बताए गए हैं. इस मामले का मुख्य आरोपी राजिंदर सेठी है, जो उस मकान का मालिक है. FIR के मुताबिक, राजिंदर सेठी अन्य लोगों के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश के नालागढ़, सोलन स्थित कंपनी अमरावती एग्रो कॉर्पोरेशन से ये उत्पाद मंगवाता था और बिना लाइसेंस व अनुमति के पंजाब के किसानों को बेच रहा था.
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रसायनों का भंडारण करना पूरी तरह प्रतिबंधित
शिकायतकर्ता डॉ. जतिंदर पाल सिंह के अनुसार, रिहायशी इलाके में इस तरह के रसायनों का भंडारण करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. जांच में सामने आया कि आरोपी के पास फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत जरूरी ‘लेटर ऑफ ऑथराइजेशन’ भी नहीं था. पुलिस ने राजिंदर सेठी और अमरावती एग्रो कॉर्पोरेशन के प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी और कृषि नियमों के उल्लंघन से जुड़े कई मामलों में केस दर्ज किया है. इनमें आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराएं शामिल हैं. जब्त किए गए खाद और रसायनों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि नकली और घटिया गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके.
पंजाब में भी नकली खाद का हुआ था खुलासा
वहीं, बीते दिनों पंजाब के फरीदकोट में नकली खाद और कृषि रसायनों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. कृषि की टीम ने एक रिहायशी बंगले में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली खाद, जिंक, पोटाश और पैकिंग सामग्री जब्त की थी. जांच में सामने आया था कि आरोपी एक्सपायर्ड कृषि उत्पादों पर नई एक्सपायरी डेट के स्टिकर लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में बेच रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी.