दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक मामले पर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने समर्थन देते हुए कल से सांकेतिक अनशन का ऐलान किया है. संगठन के अध्यक्ष गुरुनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि सरकार ने युवाओं पर लाठीचार्ज कराया है. इसके विरोध में और वह युवाओं के मुद्दे को लेकर कल से दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन शुरू करेंगे. चढूनी वह किसान नेता हैं जिन्होंने सबसे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन दिया था और मंच पर पहुंचे थे. बता दें कि भारत अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों के 112 से ज्यादा संगठनों को एकजुट करने का श्रेय भी उन्हें जाता है.
युवाओं के प्रदर्शन पर गरमाई राजनीति
परीक्षाओं के पेपर लीक के विरोध में और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में बीते 32 दिनों से हजारों युवा दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं. बीते दो दिनों में सुरक्षाबलों की आक्रामक कार्रवाई ने और सरकार के प्रतिनिधियों के बयानों ने आंदोलन को और गरम कर दिया है. वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी दलों की ओर से आंदोलन में कूदने से यह मामले पर सियासत भी खूब हो रही है. अब किसान यूनियनों ने भी खुलकर युवाओं के प्रदर्शन को समर्थन देने का ऐलान किया है.
कॉजपा के आंदोलन को समर्थन देने वाले पहले किसान नेता
दिग्गज किसान नेता गुरुनाम सिंह चढूनी ने युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान करते हुए किसानों को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है. उन्होंने युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने के अनशन की घोषणा की है. उन्होंने किसानों को भी दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है. बता दें कि इससे पहले 22 जून को किसान नेता चढ़ूनी ने युवाओं के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया और मंच पर पहुंचकर अभिजीत डीपके से बातकर उन्हें डटे रहने के लिए प्रेरित किया. कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन देने वाले देश के पहले किसान नेता थे.
जंतर मंतर पर सांकेतिक अनशन पर बैठूंगा – गुरुनाम चढूनी
अब 23 जुलाई को किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि युवाओं पर सरकार ने लाठीचार्ज कराया है. युवाओं के समर्थन में विरोध प्रदर्शन अनशन का ऐलान किया है. उन्होंने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि साथियों दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में और अमरीका का गुलाम बना देने वाली ट्रेड डील के विरोध में जहां-जहां भी और जब भी और जिसके साथ मिलकर भी प्रदर्शन कर सकते हैं जरूर करें, और मैं भी कल 24 जुलाई को 8 बजे दिल्ली के लिए निकलूंगा और 25 तारीख शाम 6 बजे तक सांकेतिक अनशन पर बैठूंगा, जो भाई मेरे साथ चलना चाहते हैं वो रास्ते में मिलें या जंतर मंतर पहुंचें.
भाकियू अराजनैतिक ने पीएम को चिट्ठी
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर आंदोलन के दौरान युवाओं पर किए गए बल प्रयोग की निंदा की है और मुद्दे को सुलझाने की मांग की है. पीएम को संबोधित चिट्ठी लिखा है कि देश का युवा आज सड़कों पर इसलिए नहीं है कि उसे आंदोलन का शौक है, बल्कि इसलिए है कि उसे अपने भविष्य की चिंता है. यदि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाते हैं, तो उनका स्वागत संवाद से होना चाहिए, लाठी से नहीं. लोकतंत्र में सरकार की ताकत विरोध को कुचलने में नहीं, बल्कि असहमति को सुनने और उसका समाधान करने में होती है. छात्रों पर लाठीचार्ज किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की उपलब्धि नहीं हो सकता.
भाकियू ने पीएम मोदी से सवाल पूछे
- 1. पेपर लीक रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर क्या स्थायी व्यवस्था बनाई जा रही है?
- 2. पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों और उनके संरक्षणकर्ताओं पर कितनी कठोर कार्रवाई हुई?
- 3. परीक्षा रद्द होने से छात्रों के समय, धन और मानसिक पीड़ा की भरपाई के लिए क्या नीति बनेगी?
- 4. भर्ती और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने की समयबद्ध योजना क्या है?