पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वहीं, कृषि लागत बढ़ने से नाराज किसानों ने हरियाणा के सोनीपत और पंजाब के अमृतसर में जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही कहासुनी हो गई. किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पेट्रोल-डीजल के दामों पर लगाम न लगाई गई तो आंदोलन होगा. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को मारने पर तुली हुई है. एमएसपी बढ़ाने के नाम पर 10 रुपये बढ़ाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसान इतना बोझ बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं.
बीजेपी नेता पहले खुद प्रदर्शन करते थे अब हमें सड़क पर उतरने नहीं दे रहे
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष रत्न सिंह मान के नेतृत्व में हजारों की संख्या में छोटूराम धर्मशाला में जुटे और फिर प्रदर्शन किया. किसान नेता रत्न सिंह मान ने लगातार बढ़ रहे पेट्रोल ,डीजल और सीएनजी के दामों पर सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि पहले दाम बढ़ने पर खुद बीजेपी नेता और सत्ता पक्ष के लोग अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते थे, अब हमें सड़क पर निकलने से भी रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब बीजेपी नेताओं की सरकार आई तो आम जनता महगाई की चक्की में पिसने रही है. जनता पर बोझ डाला जा रहा है.
दाम कम नहीं हुए तो आंदोलन होगा और सड़क पर उतरेंगे ट्रैक्टर
किसान नेता रत्न सिंह मान ने कहा भारत गौरवशाली देश अमेरिका के हाथों से चलाने का काम मोदी सरकार ना करे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द पेट्रोल और डीजल के साथ ही सीएनजी के दामों पर लगाम नहीं लगाई गई तो आंदोलन होगा. किसान नेता ने कहा अगर सरकार ने बढ़ते दामों पर नहीं लगाई लगाम तो एक बार फिर ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर किसान उतरेंगे. बैठक में सर्व समिति से वीरेंद्र पहल को भारतीय किसान यूनियन टिकैत का सोनीपत जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
किसानों ने सड़क जामकर नारेबाजी की, केंद्र सरकार का पुतला फूंका
किसान मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर पंजाब के अमृतसर में किसानों ने सड़क जामकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार का पुतला फूंका. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि केंद्र सरकार की विफल आर्थिक और विदेश नीतियों का सीधा बोझ आम लोगों, किसानों और मजदूरों पर डाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 13 दिनों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगभग 8 रुपये से 9 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जिससे कृषि लागत, परिवहन लागत और आम खपत अधिक महंगी हो गई है. उन्होंने कहा कि इसी दौरान केंद्र सरकार ने धान के दाम में केवल 72 पैसे प्रति किलो वृद्धि की है, जो किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है.