कर्नाटक में 9 गांवों के किसानों की जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट में मुनाफा कमाने के लिए किसानों की जमीनें हड़पी जा रही हैं और यह पैसा सरकार की देखरेख में धन्नासेठों की जेब में जाएगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह इसके खिलाफ लड़ाई शुरू करेंगे. पूर्व पीएम के इस आरोप से सियासत गरमा गई है.
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि ‘बिदादी टाउनशिप’ प्रोजेक्ट के नाम पर मुनाफा कमाने के लिए किसानों की जमीनें हड़पी जा रही हैं. JD(S) के वरिष्ठ नेता ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधते हुए कहा कि बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी में 18,133 करोड़ रुपये के ‘ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड सबअर्बन प्रोजेक्ट’ के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है और किसानों को परेशान किया जा रहा है.
नौ गांवों की 7481 एकड़ जमीन अधिग्रहण का मामला
कर्नाटक सरकार ने 30 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक में ‘ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड सबअर्बन प्रोजेक्ट’ मंजूरी दी गई है. यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु दक्षिण जिले और रामनगर तालुक के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ जमीन पर फैला होगा. सरकार ने कहा है कि जिन किसानों की जमीनें प्रोजेक्ट में आ रही हैं उन्हें नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है. विपक्ष के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. हालांकि, किसानों और स्थानीय ग्रामीणों के एक तबके ने इस प्रोजेक्ट का विरोध किया है और वे जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार अपने कारोबारी फायदों के लिए किसानों की जमीनें हड़पने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पहले जनता के विरोध के चलते शहर के आसपास के पांच टाउनशिप प्रोजेक्ट रद्द कर दिए थे. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अब भी लोग बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से नाराज हैं और इसका विरोध कर रहे हैं. इसलिए इस प्रोजेक्ट को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.
प्रोजेक्ट के नाम पर उपजाऊ जमीन खत्म की जा रही
उन्होंने आगे कहा कि मैंने पहले ही एक चिट्ठी लिखकर यह जांच करने की मांग की है कि बेंगलुरु के आसपास की लगभग 20,000 एकड़ जमीन किसके नाम पर रजिस्टर्ड है. लेकिन, राज्य सरकार लोगों की समस्याओं को अनसुना कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई बिदादी के किसानों की समस्याएं सुनने गया है?” उन्होंने आरोप लगाया कि टाउनशिप प्रोजेक्ट के नाम पर उपजाऊ जमीन को निशाना बनाया जा रहा है और मांग की कि सरकार यह साफ करे कि यह जमीन आखिरकार किसे सौंपी जाएगी.
डेयरी और बागवनी खेती की जमीन हड़पने का आरोप
पूर्व पीएम ने कहा कि इस इलाके में किसान बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग और बागवानी फसलों की खेती करते हैं. हर दिन बड़ी मात्रा में दूध डेयरियों को सप्लाई किया जाता है. इससे पहले की सरकार ने इस इलाके के फायदे के लिए 250 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं लागू की थीं. अब मौजूदा सरकार इन सिंचित जमीनों को छीनने की कोशिश कर रहे हैं. बिदादी के किसान आज आंसू बहा रहे हैं.
मैं कब्जा करने वालों को रोकने के लिए संघर्ष करूंगा
एचडी देवगौड़ा ने कहा कि लोगों के कड़े विरोध के बावजूद राज्य सरकार इस बात पर अड़ी हुए है कि वे इस टाउनशिप प्रोजेक्ट को पूरा करके ही दम लेंगे. मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक चिट्ठी लिखी है. मेरा संघर्ष अब शुरू होता है. हमें उन ताकतों को रोकना होगा जो इस इलाके के आसपास रहने वाले गरीब लोगों की जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं.