हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गेहूं, मक्का समेत अन्य कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. राज्य कैबिनेट ने कहा है कि प्राकृतिक खेती के जरिए उगाई गई फसलों के एमएसपी को बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसानों को नेचुरल फार्मिंग से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. अदरक, हल्दी और जौ के एमएसपी को भी बढ़ाया गया है. इसके अलावा पुलिस भर्ती पदों में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण को मंजूरी देने के साथ ही मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी दूर करने के लिए रिटायर हो चुके प्रोफेसर्स की नियुक्ति की जाएगी और उन्हें 2.50 लाख रुपये हर महीने वेतन देने को स्वीकृति दी गई है.
गेहूं का एमएसपी 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 17 अप्रैल को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने प्राकृतिक खेती के तहत उगाई गई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. गेहूं का एमएसपी को 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है. इसके बाद गेहूं किसानों को अपनी उपज का भाव 8000 हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा.
मक्का का एमएसपी बढ़ाकर 5 हजार रुपये क्विंटल किया
सीएम सुक्खू कैबिनेट ने मक्की के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो कर दिया है. यानी मक्का किसानों को 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा. इसके अलावा चंबा जिले की पांगी घाटी के जौ का एमएसपी 60 रुपये से 80 रुपये प्रति किलो करने को मंजूरी दे दी है. इसी तरह कच्ची हल्दी के एमएसपी को बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो कर दिया है, जो इससे पहले तक 90 रुपये प्रति किलो था. यानी अब यह कच्ची हल्दी 15000 रुपये प्रति क्विंटल पर बिकेगी.
अदरक का एमएसपी 3000 हजार रुपये प्रति क्विंटल हुआ
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर कैबिनेट ने अदरक के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 30 रुपये प्रति किलो एमएसपी पर खरीदने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए अलग-अलग जिलों में खरीद केंद्र खोलने की मंजूरी भी दी गई है. बता दें कि मुख्यमंत्री ने मार्च में पहली बार अदरक किसानों को सही भाव दिलाने के लिए एमएसपी लागू करने का फैसला किया था. तब 30 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने की घोषणा की गई थी. जिसे अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

हिमाचल कैबिनेट के फैसले.
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़े निर्णय
कैबिनेट ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग में 1000 जवानों की सीधी भर्ती की जाएगी, जिनमें 30 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे. इसके अलावा फायर विभाग में असिस्टेंट फायर गार्ड के 500 पद भरने को भी मंजूरी दी गई है. मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए टांडा और आईजीएमसी को छोड़कर अन्य चार मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है. इन्हें 2.50 लाख रुपये प्रतिमाह, जबकि रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसरों को 3 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा.