क्या आप सही तरीके से धो रहे हैं अंगूर? ऐसे हटाएं हानिकारक कीटनाशक, धूल और बैक्टीरिया

अंगूर की खेती के दौरान फसल को कीड़ों, फफूंद और बीमारियों से बचाने के लिए कई बार स्प्रे किया जाता है. अंगूर छोटे-छोटे दानों के गुच्छों में उगते हैं. इनके बीच की जगह संकरी होती है और छिलका बहुत पतला व हल्का छिद्रयुक्त होता है. यही वजह है कि कीटनाशक और धूल आसानी से चिपक जाते हैं.

नई दिल्ली | Published: 19 Feb, 2026 | 11:12 AM

Remove pesticides Tips: अंगूर देखने में जितने चमकदार और ताजे लगते हैं, उतने ही संवेदनशील भी होते हैं. बाजार से लाए गए अंगूर सीधे खाने का मन करता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी पतली त्वचा पर कीटनाशकों के अवशेष, धूल और बैक्टीरिया चिपके हो सकते हैं. सिर्फ नल के पानी से हल्का सा धो लेना अक्सर पर्याप्त नहीं होता. अच्छी बात यह है कि अंगूर को सुरक्षित बनाने के लिए किसी महंगे केमिकल वॉश की जरूरत नहीं है. घर की रसोई में मौजूद साधारण चीजों से भी आप अंगूर को वैज्ञानिक तरीके से साफ कर सकते हैं.

अंगूर में कीटनाशक ज्यादा क्यों रहते हैं?

अंगूर की खेती के दौरान फसल को कीड़ों, फफूंद और बीमारियों से बचाने के लिए कई बार स्प्रे किया जाता है. अंगूर छोटे-छोटे दानों के गुच्छों में उगते हैं. इनके बीच की जगह संकरी होती है और छिलका बहुत पतला व हल्का छिद्रयुक्त होता है. यही वजह है कि कीटनाशक और धूल आसानी से चिपक जाते हैं और सामान्य पानी से पूरी तरह नहीं निकलते. इसलिए अंगूर को सही तरीके से साफ करना बेहद जरूरी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.

पहला स्टेप: बहते पानी से अच्छी तरह धोएं

अंगूर साफ करने की शुरुआत हमेशा सामान्य धोने से करें. अंगूर को एक बड़े बर्तन या छलनी में रखें और 20–30 सेकंड तक ठंडे बहते पानी के नीचे धीरे-धीरे हाथों से रगड़ते हुए धोएं. इससे ऊपर जमी धूल, मिट्टी और कुछ सतही अवशेष हट जाते हैं. यह पूरी सफाई नहीं है, लेकिन पहला जरूरी कदम जरूर है.

दूसरा स्टेप : बेकिंग सोडा के घोल में भिगोना

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि बेकिंग सोडा यानी सोडियम बाइकार्बोनेट कई तरह के कीटनाशक अणुओं को तोड़ने में मदद करता है. इसके लिए एक लीटर पानी में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और अच्छी तरह घोल लें. अब अंगूर को इस घोल में 10 से 15 मिनट तक भिगोकर रखें.

घोल का हल्का क्षारीय स्वभाव कीटनाशकों को ढीला करता है और छिलके से अलग करने में मदद करता है. भिगोने के बाद अंगूर को फिर से साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. यह तरीका अंगूर की सतह पर मौजूद रसायनों को काफी हद तक कम कर देता है.

तीसरा स्टेप : सिरके के पानी से कीटाणुनाशक सफाई

अगर आप अंगूर को और ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो सिरके का उपयोग कर सकते हैं. एक भाग सफेद सिरका और तीन भाग पानी मिलाकर घोल तैयार करें. अंगूर को इसमें 5 से 10 मिनट तक रखें. सिरके की हल्की अम्लीय प्रकृति बैक्टीरिया और फफूंद के बीजाणुओं को खत्म करने में मदद करती है. भिगोने के बाद अंगूर को फिर से साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है, ताकि सिरके की गंध या स्वाद न रहे.

चौथा स्टेप: हल्का रगड़ें और सुखाएं

सिर्फ भिगोना ही काफी नहीं है. धोने के बाद अंगूर को हल्के हाथ से रगड़ें या साफ कपड़े से पोंछें. इससे बचा हुआ अवशेष भी निकल जाता है. इसके बाद उन्हें सूखने दें या किचन टॉवल से हल्का सुखा लें. सूखे अंगूर फ्रिज में ज्यादा समय तक सुरक्षित रहते हैं और उन पर फफूंद जल्दी नहीं लगती.

सही तरीके से रखें स्टोर

साफ किए गए अंगूर को हमेशा ठंडे स्थान पर, फ्रिज में रखें. इन्हें पूरी तरह बंद डिब्बे में न रखें, बल्कि हल्की हवा लगने दें. अगर संभव हो तो उतने ही अंगूर धोएं जितने तुरंत खाने हैं. लंबे समय तक गीले रखे अंगूर में बैक्टीरिया पनप सकते हैं.

थोड़ी मेहनत, ज्यादा सुरक्षा

अंगूर एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटामिन से भरपूर होते हैं, इसलिए इन्हें खाने से बचने की जरूरत नहीं है. बस सही तरीके से साफ करना जरूरी है. बहते पानी से धोना, बेकिंग सोडा या सिरके के घोल में भिगोना और अच्छी तरह सुखाना ये छोटे कदम आपकी सेहत के लिए बड़ा फर्क ला सकते हैं.

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