India Inflation Rate: देश में एक बार फिर महंगाई ने लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है. जून महीने में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि मई में यह 3.93 प्रतिशत थी. यह दिसंबर 2024 के बाद खुदरा महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है. महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम में आई तेजी रही है. खासकर अदरक और टमाटर जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें काफी महंगी हो गई हैं.
खाद्य महंगाई 5 प्रतिशत के पार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून में खाद्य महंगाई 5.32 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 4.78 प्रतिशत थी. यानी सिर्फ एक महीने में खाने-पीने की चीजों की महंगाई में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है. अगर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बात करें तो गांवों में खाद्य महंगाई 5.45 प्रतिशत और शहरों में 5.09 प्रतिशत दर्ज की गई. जनवरी 2025 के बाद यह खाद्य महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है.
अदरक और टमाटर ने बढ़ाया रसोई का खर्च
जून महीने में सबसे ज्यादा महंगाई अदरक और टमाटर में देखने को मिली.
- अदरक की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 50.41 प्रतिशत तक बढ़ गईं.
- टमाटर 31.92 प्रतिशत महंगा हो गया.
हालांकि मई की तुलना में टमाटर की महंगाई कुछ कम हुई है, लेकिन इसकी कीमतें अब भी आम लोगों के बजट पर असर डाल रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम, सप्लाई में कमी और मांग बढ़ने जैसी वजहों से इन सब्जियों के दाम ऊपर बने हुए हैं.
इन चीजों के दाम हुए कम
राहत की बात यह है कि, कुछ जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा राहत आलू की कीमतों में मिली. पिछले साल की तुलना में आलू 20.34 प्रतिशत सस्ता हुआ है. वहीं मटर की महंगाई दर घटकर 9.67 प्रतिशत रह गई, जबकि जीरे की कीमतों में भी करीब 3.75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई. इसका मतलब है कि कुछ खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत जरूर मिली है.
PRESS RELEASE OF CONSUMER PRICE INDEX ON BASE 2024=100 FOR JUNE, 2026
➤Retail inflation based on Consumer Price Index in June, 2026 is 4.38%
➤Year on year food inflation, based on Consumer Food Price Index, in June, 2026 is 5.32%
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— PIB India (@PIB_India) July 13, 2026
सिर्फ खाना ही नहीं, दूसरी चीजें भी हुईं महंगी
महंगाई का असर केवल खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं रहा. रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई दूसरे सामान भी महंगे हुए हैं.
- जून में कपड़ों की कीमतों में 3.64 प्रतिशत
- फर्नीचर और कारपेट में 3.27 प्रतिशत
- घरेलू बर्तनों में 4.70 प्रतिशत
- घरेलू उपकरणों में 1.57 प्रतिशत और
- दवा एवं स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों में 1.39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
- वहीं फुटवियर की कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली.
आगे क्या रह सकती है स्थिति?
आने वाले महीनों में मॉनसून, फसल उत्पादन और सब्जियों की सप्लाई पर महंगाई काफी हद तक निर्भर करेगी. अगर बारिश सामान्य रहती है और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहती है, तो खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिल सकती है.