भारत का सोलर मॉडल दिखाएगा दुनिया को राह, अफ्रीका में बदल सकती है करोड़ों किसानों की किस्मत

भारत का सौर ऊर्जा आधारित कृषि मॉडल अब वैश्विक स्तर पर चर्चा में है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल किसानों की लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है. अफ्रीका में इसके विस्तार से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Jun, 2026 | 09:32 PM

Solar Agriculture: भारत का सौर ऊर्जा आधारित कृषि मॉडल अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण लेख साझा करते हुए कहा कि भारत का सोलर सिंचाई मॉडल अफ्रीका में कृषि क्रांति ला सकता है. ये मॉडल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई दिशा देगा. प्रधानमंत्री ने इसे भारत के किसानों के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित खेती दुनिया के लिए एक प्रभावी उदाहरण बन रही है.

पीएम मोदी ने बताई सौर ऊर्जा की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI) ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के महानिदेशक आशीष खन्ना द्वारा लिखे गए लेख को साझा किया. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आज कृषि क्षेत्र में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत का मॉडल अफ्रीका के देशों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है. इससे किसानों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा मिलेगी, खेती की लागत घटेगी और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी. पीएम मोदी  ने इसे भारत के किसानों और देश के लिए गौरव का क्षण बताया.

युगांडा के किसान की सफलता बनी मिसाल

लेख में युगांडा के किसान गद्दाफी नासूर का उदाहरण दिया गया है, जिन्होंने डीजल पंप छोड़कर  सौर पंप का इस्तेमाल शुरू किया. इस बदलाव के बाद उनकी खेती की लागत में कमी आई और कुछ ही वर्षों में उनकी आय दोगुनी हो गई. पहले उन्हें सिंचाई के लिए डीजल पर भारी खर्च करना पड़ता था, लेकिन सौर पंप के उपयोग से यह खर्च लगभग खत्म हो गया. यह उदाहरण दिखाता है कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीक किसानों की आर्थिक स्थिति बदलने की क्षमता रखती है. यही मॉडल अब अफ्रीका के अन्य देशों में भी लागू करने की बात कही जा रही है.

भारत ने सौर पंपों से बदली खेती की तस्वीर

भारत ने पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ाया है. प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा  एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना इसके सबसे बड़े उदाहरणों में से एक है. इस योजना के तहत देशभर में करीब 27 लाख सौर पंप लगाए जा चुके हैं. सरकार ने वर्ष 2030 तक 50 लाख सौर पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है. कई राज्यों में किसानों को दिन के समय सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सिंचाई आसान हुई है और खेती की लागत में कमी आई है. इतना ही नहीं, कई किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा रहे हैं.

अफ्रीका में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने का नया रास्ता

विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीका में सिंचाई सुविधाओं की कमी कृषि विकास  की सबसे बड़ी बाधा है. उप-सहारा अफ्रीका में केवल 4 प्रतिशत कृषि भूमि सिंचित है, जबकि भारत में यह आंकड़ा लगभग 55 प्रतिशत है. ऐसे में सौर सिंचाई प्रणाली वहां के किसानों के लिए बड़ा समाधान बन सकती है. लेख में सुझाव दिया गया है कि मजबूत नीतियां, आसान वित्तीय सहायता और स्थानीय तकनीकी सेवाओं के जरिए अफ्रीका में सौर कृषि मॉडल को सफल बनाया जा सकता है. भारत अपने अनुभव और तकनीक को साझा कर वहां कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और खाद्य सुरक्षा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अफ्रीका सहयोग भविष्य में कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 26 Jun, 2026 | 09:32 PM

लेटेस्ट न्यूज़