MP में दूषित पानी से 36 लोगों की मौत, कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इंदौर में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के बाद कांग्रेस की जांच रिपोर्ट ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. पार्टी के अनुसार 240 पानी सैंपलों में 98 प्रतिशत फेल पाए गए. रिपोर्ट में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने का दावा किया गया है. मामले को लेकर सरकार और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं.
Indore Water Crisis: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी से सीर्फ 4 महीने में 36 लोगों की मौत को लेकर भाजपा सरकार और नगर निगम पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई. जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने बताया कि कांग्रेस ने इंदौर की 7 विधानसभा क्षेत्रों के 29 वार्डों से पीने के पानी के 240 सैंपल जांच के लिए भेजे. रिपोर्ट में 98 प्रतिशत सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए. उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इंदौर में लोगों को साफ पानी तक नहीं मिल रहा.
पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया
जीतू पटवारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में पानी में ई. कोलाई और कोलीफॉर्म जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं. ये बैक्टीरिया डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. उन्होंने बताया कि जांच में गरीब बस्तियों, मध्यम वर्गीय कॉलोनियों और पॉश इलाकों के सैंपल शामिल किए गए. सरकारी अस्पतालों के पानी के सैंपल भी जांच में रखे गए थे. पटवारी ने आरोप लगाया कि 36 मौतों के बाद भी नगर निगम सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रहा है.
36 लोग इंदौर में जहरीले पानी से मारे गए।
और पढ़ेंक्या मुख्यमंत्री और इंदौर के प्रभारी मंत्री ने इस घटना के बाद इंदौर के पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई?
आज विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने पूरे इंदौर में पानी की जांच कराई, जिसमें 98% सैंपल फेल निकले।
यह है मध्य प्रदेश की असली… pic.twitter.com/lxcSwspcuZ
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 29, 2026
मुख्यमंत्री से पूछे तीखे सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि क्या घटना के बाद पूरे शहर के पानी की जांच करवाई गई थी. उन्होंने पूछा कि क्या स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी गई और क्या पानी के सैंपल लैब भेजे गए. उन्होंने कहा कि सरकार केवल कार्यक्रमों और विज्ञापनों में व्यस्त है, जबकि जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है. पटवारी ने ये भी कहा कि अगर हालात इतने खराब हैं तो क्या मुख्यमंत्री किसी बस्ती में जाकर वही पानी पी सकते हैं जो आम लोग पी रहे हैं.
सरकार पर लापरवाही का आरोप
जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से नहीं लिया. बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदले. उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे शहर में 98 प्रतिशत पानी के सैंपल फेल होना सरकार की बड़ी विफलता है. कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और लोगों को तुरंत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए. कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो पार्टी इस मुद्दे को और जोरदार तरीके से उठाएगी.