Maharashtra Women Farmers Bill: महाराष्ट्र सरकार खेती में काम करने वाली महिलाओं को आधिकारिक तौर पर किसान का दर्जा देने के लिए नया कानून लाने की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित कानून के तहत खेती और कृषि से जुड़े दूसरे कामों में लगी महिलाओं को भी किसान माना जाएगा. इससे उन्हें खेती के लिए मिलने वाले कर्ज, फसल बीमा, सरकारी सहायता और दूसरी योजनाओं का फायदा सीधे मिल सकेगा. सरकार महिला किसानों का अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उनके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना पर भी काम कर रही है.
खेती में बड़ी भूमिका, लेकिन पहचान नहीं
महाराष्ट्र में खेती से जुड़े कामों में महिलाओं की बड़ी भूमिका है. राज्य के कृषि कार्यबल में 81 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी महिलाओं की है. इसके बावजूद ज्यादातर सरकारी योजनाओं का लाभ जमीन के मालिक के नाम पर मिलता है. ऐसे में परिवार की जमीन पर खेती करने वाली कई महिलाओं को किसान नहीं माना जाता. यही स्थिति पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, रेशम उत्पादन, बागवानी और जंगल से उपज इकट्ठा करने वाले कामों से जुड़ी महिलाओं के साथ भी है. नतीजतन, खेती और कृषि से जुड़े कामों में सक्रिय होने के बावजूद कई महिलाओं को किसान के तौर पर पहचान और सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता.
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
प्रस्तावित कानून के तहत खेती के अलावा पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम उत्पादन और बागवानी से जुड़ी महिलाओं को भी शामिल किया जा सकता है. सरकार भूमिहीन कृषि मजदूरों, बटाईदारों और प्रवासी कृषि श्रमिक महिलाओं को भी इसके दायरे में लाने पर विचार कर रही है.
कानून लागू होने के बाद महिलाओं को कृषि लोन, अनुदान, बीज, उर्वरक, फसल बीमा, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी. इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी.
पावसाळी अधिवेशनात सादर होणार महिला शेतकरी सक्षमीकरण विधेयक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या अध्यक्षतेखाली आज मुंबई येथील वर्षा निवासस्थानी ‘महाराष्ट्र महिला शेतकरी सक्षमीकरण विधेयक, 2026’ संदर्भात बैठक पार पडली.
राज्यातील महिला शेतकऱ्यांना स्वतंत्र शेतकरी म्हणून कायदेशीर…
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) June 12, 2026
महिला किसान कोष और डिजिटल डेटाबेस
सरकार महिला किसानों के लिए अलग ‘महाराष्ट्र राज्य महिला किसान कोष’ बनाने की योजना पर भी काम कर रही है. साथ ही जिला, तहसील और ग्राम स्तर पर मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिला किसानों का अलग डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा, जहां महिलाएं लोन, सब्सिडी, बीमा, भंडारण, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगी.
क्यों है यह फैसला अहम?
यह कानून कृषि क्षेत्र में महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. इसके लागू होने पर लाखों महिला किसानों को स्वतंत्र पहचान, अधिक अधिकार और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच मिलेगी. इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को भी उचित सम्मान मिल सकेगा.