Milk price hike: देशभर में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच अब दूध और डेयरी उत्पादों के दाम भी आम लोगों की जेब पर असर डालने लगे हैं. अमूल और मदर डेयरी के बाद अब बिहार की सुधा डेयरी और राजस्थान की सरस डेयरी ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं. नई कीमतें 22 मई से लागू हो चुकी हैं. वहीं दूध के साथ-साथ दही, लस्सी, छाछ और पनीर जैसे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं, जिससे घर का मासिक बजट और बिगड़ सकता है.
बिहार में सुधा डेयरी ने बढ़ाए दाम
पटना में सुधा डेयरी ने अपने कई दूध वेरिएंट की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है. अब सुधा गोल्ड फुल क्रीम दूध 65 रुपये की जगह 67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. वहीं सुधा शक्ति दूध, जो पहले 57 रुपये प्रति लीटर था, अब 59 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा. हालांकि डेयरी ने उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए घी, दही और लस्सी की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन दूध के दाम बढ़ने से रोजाना इस्तेमाल करने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है.
जयपुर में सरस दूध के साथ डेयरी उत्पाद भी महंगे
राजस्थान में जयपुर डेयरी ने भी सरस दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. अब सरस टोंड दूध 54 रुपये की जगह 56 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. वहीं स्टैंडर्ड दूध 60 से बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर और सरस गोल्ड दूध 68 से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि कई दूसरे डेयरी उत्पादों के दाम भी बढ़ाए गए हैं. 200 ग्राम पनीर का पैकेट अब 76 रुपये की जगह 80 रुपये में मिलेगा, जबकि 1 किलो पनीर का पैक 362 रुपये से बढ़कर 385 रुपये हो गया है. इसके अलावा 200 ग्राम दही का पैकेट 16 रुपये से बढ़कर 18 रुपये और 400 ग्राम दही 32 रुपये से बढ़कर 36 रुपये में मिलेगा. सादा छाछ 1 रुपये महंगी हुई है, जबकि लस्सी और नमकीन छाछ के दाम 2 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं.
पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी बढ़ाए थे रेट
इससे पहले देश की बड़ी डेयरी कंपनियां अमूल और मदर डेयरी भी दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर चुकी हैं. नई दरें 14 मई 2026 से लागू हुई थीं. लगातार बढ़ती लागत, पशु चारे के महंगे होने और परिवहन खर्च बढ़ने को कंपनियां कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह बता रही हैं.
आम लोगों के बजट पर असर
दूध और डेयरी उत्पाद हर घर की जरूरत माने जाते हैं. ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ रहा है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों में दूध की खपत ज्यादा होने के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में ईंधन और पशु आहार की कीमतों में कमी नहीं आई, तो दूध और डेयरी उत्पादों के दाम आगे भी बढ़ सकते हैं. फिलहाल महंगाई के इस दौर में आम लोगों की रसोई का बजट लगातार दबाव में दिखाई दे रहा है.