MS Dhoni Birthday Special: आज भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन है. क्रिकेट की दुनिया में अपनी शांत कप्तानी और शानदार उपलब्धियों के लिए पहचाने जाने वाले ‘कैप्टन कूल’ अब खेती-किसानी से भी खास पहचान बना रहे हैं. क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद उन्होंने अपना काफी समय खेती, बागवानी और पशुपालन को दिया है. रांची स्थित उनका फार्महाउस आज सिर्फ एक आलीशान प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि आधुनिक खेती और एग्री बिजनेस का बेहतरीन उदाहरण बन चुका है. यहां वे सब्जियों की खेती, मुर्गी पालन और डेयरी जैसी गतिविधियों पर भी खास ध्यान देते हैं
जैविक खेती की ओर बढ़ाए कदम
धोनी के फार्महाउस में कई तरह की मौसमी और विदेशी सब्जियां उगाई जाती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां टमाटर, पत्तागोभी, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी, तरबूज, शिमला मिर्च और कई दूसरी फसलें उगाई जाती हैं. इनमें से कई उत्पाद स्थानीय बाजारों तक भी पहुंचते हैं. धोनी समय-समय पर खेतों का जायजा लेते हैं और खेती से जुड़े नए प्रयोगों में भी रुचि दिखाते हैं.
मुर्गी पालन भी बन रहा कमाई का जरिया
खेती के साथ-साथ धोनी ने मुर्गी पालन (Poultry Farming) पर भी ध्यान दिया है. उनके फार्म में कड़कनाथ मुर्गों के पालन की खबरें काफी चर्चा में रही हैं. कड़कनाथ नस्ल अपने काले मांस और पौष्टिक गुणों के लिए जानी जाती है. इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. इससे साफ है कि धोनी सिर्फ शौक के लिए नहीं, बल्कि बेहतर एग्री बिजनेस मॉडल को भी बढ़ावा दे रहे हैं.
धोनी का फार्म सिर्फ खेती और पोल्ट्री तक सीमित नहीं है. यहां गायों की देखभाल भी की जाती है. पशुपालन और खेती को साथ लेकर चलने वाला यह मॉडल किसानों के लिए भी प्रेरणा माना जाता है, क्योंकि इससे आय के कई स्रोत बनते हैं.
किसानों के लिए क्यों खास है धोनी का मॉडल?
आज खेती सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रही. अगर किसान खेती के साथ मुर्गी पालन, डेयरी, बागवानी और सब्जी उत्पादन को जोड़ दें, तो उनकी आमदनी बढ़ सकती है. धोनी का फार्म भी इसी सोच का उदाहरण है. यहां अलग-अलग कृषि गतिविधियां एक साथ चलती हैं, जिससे जोखिम कम होता है और आय के कई रास्ते खुलते हैं.
खेती को बना रहे हैं नई पहचान
क्रिकेट से संन्यास के बाद धोनी अक्सर ट्रैक्टर चलाते, खेतों का निरीक्षण करते या फार्म में समय बिताते नजर आते हैं. सोशल मीडिया पर उनकी खेती से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी खूब पसंद किए जाते हैं. उनकी यह पहल बताती है कि खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और सही योजना के साथ एक सफल बिजनेस भी बन सकती है. धोनी की दूसरी पारी यह सिखाती है कि अगर खेती को आधुनिक तरीके से किया जाए और उसके साथ पशुपालन या मुर्गी पालन जैसे दूसरे व्यवसाय जोड़े जाएं, तो गांव में रहकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है.