Tomato Mandi Rate: टमाटर की कीमतों में अचानक गिरावट शुरू हो गई है. दिल्ली-एनसीआर में जो टमाटर एक हफ्ते पहले तक 70 से 80 रुपये बिक रहा था, अब उसका रेट 40 से 50 रुपये हो गया है. लेकिन टमाटर की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट तमिलनाडु के कोयंबटूर में दर्ज की गई है. जिले और पड़ोसी राज्यों से टमाटर की आवक बढ़ने के कारण थोक बाजार में भाव घटकर 15 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. व्यापारियों का कहना है कि यह गिरावट फिलहाल अस्थायी है. उनका अनुमान है कि अगले 15 से 20 दिनों में आपूर्ति सामान्य होने पर टमाटर के दाम फिर बढ़ सकते हैं.
कोयंबटूर जिला ऑल वेजिटेबल मार्केट होलसेल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्रन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि मई और जून में खुदरा बाजार में टमाटर के दाम 25 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे. हालांकि, स्थानीय उत्पादन बढ़ने और होसुर व कर्नाटक से अधिक मात्रा में टमाटर आने के कारण अब कीमतों में गिरावट आ गई है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में 25 किलो की एक क्रेट अधिकतम 300 रुपये में बिक रही है. इससे थोक बाजार में टमाटर के दाम करीब 10 रुपये प्रति किलो तक घट गए हैं, जबकि खुदरा कीमतें भी घटकर लगभग 16 रुपये प्रति किलो रह गई हैं.
दाम फिर सुधर सकते हैं
राजेंद्रन के अनुसार, यदि कीमतें लंबे समय तक कम बनी रहती हैं तो स्थानीय किसान टमाटर की जगह दूसरी फसलों की खेती शुरू कर सकते हैं. इससे आने वाले समय में टमाटर की आपूर्ति घट सकती है और दूसरे राज्यों के किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है. उन्होंने कहा कि देशभर में इस समय टमाटर का उत्पादन अपने चरम पर है, इसलिए बाजारों में आवक ज्यादा बनी हुई है. हालांकि, उनका मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी और आने वाले समय में दाम फिर सुधर सकते हैं.
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2,500 एकड़ में टमाटर की खेती
कोयंबटूर के थीथिपालयम के किसान सी. अय्यास्वामी ने कहा कि जिले में करीब 2,500 एकड़ क्षेत्र में टमाटर की खेती की जाती है. इसमें थोंडामुथुर और किनाथुकादावु ब्लॉक प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं. उन्होंने कहा कि किनाथुकादावु के नाचीपालायम क्षेत्र में सबसे अधिक टमाटर की खेती होती है, जहां लगभग 1,800 से 2,000 एकड़ में इस फसल की खेती की जा रही है. किसानों का कहना है कि उत्पादन बढ़ने से बाजार में आपूर्ति बढ़ी है, जिसके चलते कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
किसानों की चिंता बढ़ गई है
कोयंबटूर जिले में टमाटर की कीमतों में आई गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है. किसान सी. अय्यास्वामी के अनुसार, टमाटर की फसल रोपाई के लगभग 65 से 70 दिन बाद तैयार होती है, लेकिन इसकी खेती की लागत काफी अधिक है. उन्होंने कहा कि बीज, सहारा देने के लिए खंभे, उर्वरक और कीटनाशकों पर किसानों को प्रति एकड़ 1.75 लाख से 2 लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है. इस समय कटाई का काम तेजी से चल रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में टमाटर बाजारों में पहुंच रहा है.
एक बॉक्स केवल 270 रुपये में बिक रहा
अय्यास्वामी के मुताबिक, एक एकड़ से औसतन 2,500 बॉक्स तक उत्पादन हो रहा है. तमिलनाडु में एक बॉक्स का वजन करीब 15 किलोग्राम माना जाता है. फिलहाल 15 किलो का एक बॉक्स केवल 270 रुपये में बिक रहा है, जबकि किसानों को लागत निकालने और मुनाफा कमाने के लिए इसका भाव कम से कम 700 रुपये प्रति बॉक्स होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों तक टमाटर के अच्छे दाम मिल रहे थे, लेकिन मौजूदा गिरावट के कारण कई किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.