MSP से कम कई फसलों का रेट, ‘भावांतर योजना’ के तहत मिलेगी सहायता राशि.. CM से मिले किसान नेता

हरियाणा में सरसों का रेट MSP से ज्यादा है, लेकिन मक्का और बाजरे के भाव MSP से काफी कम हैं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘भावांतर योजना’ के तहत इन फसलों के किसानों को आर्थिक मदद दी जाएगी. किसान नेताओं ने मंडियों में सुधार की मांग भी की.

नोएडा | Updated On: 1 Apr, 2026 | 03:33 PM

Haryana News: हरियाणा में सरसों का रेट न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ज्यादा है. लेकिन मक्का, बाजरा सहित कई फसलों का रेट एमएसपी से काफी कम है. ऐसे में मक्का और बाजरा किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. लेकिन इन किसानों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार किसानों को ‘भावांतर योजना’ के तहत मक्का और बाजरा किसानों की आर्थिक मदद करेगी. ये जानकारी एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने दी.

किसान नेता गुणी प्रकाश ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि अभी हरियाणा की मंडियों में सरसों का रेट  एमएसपी से ज्यादा है. इसके चलते सरसों किसानों की अच्छी कमाई हो रही है. लेकिन मक्का और बाजरा का रेट एमएसपी से काफी कम है. ऐसे में सरकार मक्का, बाजरा किसानों को घाटे से निकालने ‘भावांतर योजना’ के तहत आर्थिक मदद करेगी. इसलिए किसानों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.

सीएम ने किसान नेताओं को दिया आश्वासन

दरअसल, भारतीय किसान यूनियन (मान) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  से चंडीगढ़ स्थित उनके निवास पर मुलाकात की. इस दारौन किसान नेताओं ने किसानों की मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और मंत्रियों की बैठक में इन मांगों पर चर्चा करने और अनाज मंडियों में शर्तों को सुधारने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि किसान का अनाज MSP पर खरीदा जाएगा और खरीद प्रक्रिया में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी.

मुलाकात के दौरान ये नेता रहे मौजूद

बैठक के दौरान किसान नेताओं ने उन फसलों का मुद्दा उठाया, जिनकी बाजार कीमत एमएसपी  से कम मिल रही है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी फसलों के किसानों को ‘भावांतर योजना’ के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें नुकसान न उठाना पड़े. वहीं, प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गुणी प्रकाश, प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना, नरेश मथाना, कुरुक्षेत्र प्रमुख अनिल चौधरी, कृष्णकुमार और हरजीत सिंह ने किया.

हरियाणा की अलग-अलग मंडियों में ताजा रेट

दिनांक मंडी का नाम फसल आवक (मीट्रिक टन) न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) औसत भाव (₹/क्विंटल) MSP (₹/क्विंटल)
30 मार्च 2026 डबवाली एपीएमसी सरसों 200.60 6,000 6,550 6,250 6,200
28 मार्च 2026 अटेली एपीएमसी बाजरा 5.70 1,900 1,905 1,905 2,775
27 मार्च 2026 अटेली एपीएमसी बाजरा 7.50 1,900 1,900 1,900 2,775

हरियाणा की मंडियों में क्या है सरसों-बाजरे का रेट

Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक,  30 मार्च को हरियाणा की डबवाली एपीएमसी मंडी में सरसों की आवक 200.60 मीट्रिक टन रही. जबकि, सरसों का न्यूनतम भाव 6,000 रुपये, अधिकतम 6,550 रुपये और औसत भाव 6,250 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अभी सरसों का एमएसपी 6200 रुपये क्विंटल है. यानी हरियाणा के किसान सरसों से अच्छी कमाई कर रहे हैं. इसी तरह 28 मार्च को अटेली एपीएमसी मंडी में बाजरे की 5.70 टन आवक हुई. इस दिन बाजरे का न्यूनतम भाव 1,900 रुपये और अधिकतम व औसत भाव 1,905 रुपये प्रति क्विंटल रहा. वहीं, 27 मार्च को अटेली मंडी में बाजरे की 7.50 टन आवक दर्ज की गई, जिसका न्यूनतम, अधिकतम और औसत भाव सभी 1,900 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अभी बाजरे का एमएसपी 2775 रुपये क्विंटल है. यानी एमएसपी से काफी कम रेट पर किसान उपज बेच रहे हैं.

Published: 1 Apr, 2026 | 02:41 PM

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