अब गांव में ही शुरू करें अपना बिजनेस, NABARD तैयार करेगा 4000 उद्यमी, जानें कैसे मिलेगा फायदा
NABARD Gramodyam: नाबार्ड ने अपने 45वें स्थापना दिवस पर 'ग्रामोदय' कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सफल उद्यमी बनाना है. इस पहल के तहत प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बिजनेस प्लान, बैंक लोन, सरकारी योजनाओं की जानकारी और वित्तीय सहायता तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी.
Gramodyam Programme: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए अब अपना कारोबार शुरू करना पहले से आसान हो सकता है. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने अपने 45वें स्थापना दिवस पर ‘ग्रामोदय’ (Gramodyam) नाम से एक नया उद्यमिता विकास कार्यक्रम शुरू किया है. इस योजना का मकसद गांवों में रहने वाले युवाओं और इच्छुक लोगों को कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता तक पहुंच दिलाना है.
इस कार्यक्रम को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के सहयोग से लागू किया जा रहा है. वहीं, इसके संचालन की जिम्मेदारी इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (IID) को दी गई है.
क्या है ग्रामोदय कार्यक्रम?
ग्रामोदय एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गांवों में छिपी उद्यमिता की क्षमता को पहचानना और उसे आगे बढ़ाना है. इसके तहत ऐसे युवाओं को चुना जाएगा जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं. उन्हें कारोबार से जुड़ी ट्रेनिंग, सही सलाह और हर जरूरी मदद दी जाएगी, ताकि वे अपने विचार को सफल व्यवसाय में बदल सकें. इस पहल का लक्ष्य गांवों में रोजगार बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को मजबूती देना है.
डिजिटल और ऑफलाइन दोनों तरीके से मिलेगी सुविधा
ग्रामोदय कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि, देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लोग इससे जुड़ सकें. इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान और कैंप के जरिए लोगों को जोड़ा जाएगा.
कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को कई चरणों से गुजरना होगा. इनमें उनकी रुचि और क्षमता का आकलन, काउंसलिंग, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, कारोबार से जुड़ी तकनीकी ट्रेनिंग और अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन शामिल होगा.
बिजनेस शुरू करने से लेकर लोन तक मिलेगी मदद
ग्रामोदय सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा. इसके तहत प्रतिभागियों को यह भी बताया जाएगा कि कौन-सा कारोबार उनके लिए बेहतर रहेगा और बिजनेस प्लान कैसे तैयार किया जाए. इसके अलावा, बैंक से लोन लेने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में मदद मिलेगी. NABARD से जुड़े क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से लोन दिलाने में भी सहयोग किया जाएगा. साथ ही, डिजिटल लोन आवेदन और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी.
ई-केवाईसी से होगी पारदर्शिता
कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी लाभार्थियों का ई-केवाईसी (e-KYC) किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि, योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
इसके साथ ही NSDC के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर प्रतिभागी की प्रगति पर नजर रखी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा सके.
3 साल में 4,000 ग्रामीण उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य
ग्रामोदय कार्यक्रम के शुरुआती चरण में तीन साल के भीतर करीब 4,000 ग्रामीण उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है. यह पहल उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है जो गांव छोड़कर शहरों में नौकरी की तलाश करने के बजाय अपने ही क्षेत्र में कारोबार शुरू करना चाहते हैं. सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से ग्रामीण भारत में नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.