Kisan Credit Card : खेत में बीज बोने से लेकर फसल के बाजार पहुंचने तक, किसान को हर कदम पर पैसों की जरूरत पड़ती है. कई बार खाद या डीजल के लिए जेब खाली होती है, तो हम जल्दबाजी में गांव के साहूकार के पास पहुंच जाते हैं. वहां पैसा तो तुरंत मिल जाता है, लेकिन उनका भारी ब्याज धीरे-धीरे किसान की कमर तोड़ देता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पैसे के लिए आप साहूकार को 24 फीसदी से 36 फीसदी तक ब्याज देते हैं, वही पैसा बैंक आपको मात्र 4 फीसदी ब्याज पर दे सकता है? जी हां, सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी स्कीमें आपके लिए खजाने की चाबी साबित हो सकती हैं. बस जरूरत है सही जानकारी और सही कदम उठाने की.
समय पर पैसा चुकाएं और पाएं भारी छूट
खेती के लिए सबसे सस्ता और बढ़िया रास्ता है किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC. बैंक वैसे तो 9 फीसदी ब्याज लेता है, लेकिन सरकार किसानों को 2 फीसदी की सब्सिडी देती है, जिससे ब्याज दर 7 फीसदी रह जाती है. अब यहां एक कमाल की बात है-अगर आप अपने लोन की किस्त एकदम सही समय पर चुकाते हैं, तो सरकार 3 फीसदी की और अतिरिक्त छूट दे देती है. इसका मतलब है कि आपको साल भर का ब्याज मात्र 4 फीसदी ही देना होगा. एक तरह से यह दुनिया का सबसे सस्ता लोन है जो सिर्फ आपके जैसे मेहनती किसानों के लिए बना है.
लोन सिर्फ एक नहीं, जरूरतें अनेक
बैंक आपकी हर जरूरत को समझता है. अगर आपको फसल उगाने, बीज या खाद के लिए पैसा चाहिए, तो आप शॉर्ट टर्म लोन (KCC) ले सकते हैं. लेकिन अगर आपका सपना ट्रैक्टर खरीदने, खेत में बोरवेल (नलकूप) लगवाने या जमीन को समतल करने का है, तो बैंक आपको इन्वेस्टमेंट लोन देता है, जिसे चुकाने के लिए आपको 3 से 7 साल का लंबा समय मिलता है. इतना ही नहीं, अगर आप खेती के साथ आटा चक्की या तेल मिल जैसा छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो बैंक उसके लिए भी एग्रो-प्रोसेसिंग लोन के जरिए आपकी मदद करता है.
बैंक जाने से पहले झोले में रख लें ये जरूरी कागज
अक्सर किसान बैंक के चक्कर काटने से डरते हैं, लेकिन अगर आपके कागज पूरे हैं, तो कोई आपको नहीं रोकेगा. आपको बस कुछ बेसिक चीजें साथ रखनी हैं-
- पहचान के लिए:- आधार कार्ड या वोटर आईडी.
- पते के लिए:- राशन कार्ड या बिजली का बिल.
- जमीन का कच्चा-चिट्ठा:- खतौनी (लैंड रिकॉर्ड) और पटवारी या लेखपाल से प्रमाणित कराया हुआ फसल का ब्योरा (कि आप क्या बोने वाले हैं).
- बैंक की डिटेल:- पिछले 6 महीने की पासबुक की फोटोकॉपी और दो-चार पासपोर्ट साइज फोटो. याद रखिए, 3 लाख रुपये तक के KCC लोन पर ज्यादातर बैंक कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते, यानी आवेदन का खर्चा भी बच जाता है.
कैसे पहुंचेगा पैसा आपके हाथ में?
लोन लेना अब उतना कठिन नहीं रहा जितना पहले हुआ करता था. सबसे पहले अपने नजदीकी सरकारी या ग्रामीण बैंक (जैसे SBI, PNB या को-ऑपरेटिव बैंक) में जाएं. वहां से एग्रीकल्चर लोन का फॉर्म लेकर सही-सही भरें. इसके बाद बैंक का एक अधिकारी आपके खेत का मुआयना करने आ सकता है ताकि वह देख सके कि आपकी जमीन कितनी है और खेती की लागत क्या आएगी. एक बार जब बैंक संतुष्ट हो जाता है, तो लोन का पैसा सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है या आपको एक कार्ड जारी कर दिया जाता है जिससे आप जरूरत पड़ने पर पैसे निकाल सकते हैं.
इन 3 बातों का रखेंगे ध्यान, तो कभी नहीं होगी परेशानी
लोन लेना तो आसान है, लेकिन उसे निभाने की भी कुछ शर्तें हैं. पहली बात, गांव के साहूकार के चंगुल से हमेशा बचें, उनका ब्याज आपकी पूरी कमाई खा जाएगा. दूसरी बात, खेती के लिए लिए गए पैसे को कभी भी शादी-ब्याह या घर के अन्य खर्चों में न उड़ाएं, वरना कर्ज का बोझ बढ़ता जाएगा. और तीसरी सबसे जरूरी बात-लोन की किस्त हमेशा समय पर भरें. अगर आप ईमानदार रहते हैं, तो अगली बार बैंक आपकी लोन की लिमिट बढ़ा देता है, जिससे आप अपनी खेती को और बड़ा और आधुनिक बना सकते हैं.