कम बारिश से डीजल पर टिकी खरीफ बुवाई ने बढ़ा दी बिक्री, Fuel Sales में रिकॉर्ड 20 फीसदी उछाल

Petrol and Diesel Sales Hike: देश में आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख संकेतक माने जाने वाले डीजल की बिक्री जुलाई के पहले पखवाड़े में सालाना आधार पर 20.9 फीसदी बढ़ी है. कमजोर मॉनसून के चलते खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किसानों ने कृषि गतिविधियों के लिए खूब डीजल खरीदा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Jul, 2026 | 07:47 PM

कमजोर मानसून और बारिश में देरी के बीच खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई के लिए किसानों ने जमकर पेट्रोल और डीजल की खरीद की है. वहीं, वाहन चालकों की तरफ से भी मांग बढ़ने से जुलाई के पहले पखवाड़े में देश की सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की पेट्रोल और डीजल बिक्री में तेज बढ़त दर्ज की गई. तेल कंपनियों ने ताजा अपडेट में बताया कि बीते साल की तुलना डीजल बिक्री में 20 फीसदी उछाल दर्ज किया गया है.

3 लाख टन पेट्रोल ज्यादा बिका

तेल कंपनियों की ओर से जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार पीटीआई ने कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की पेट्रोल बिक्री एक से 15 जुलाई के दौरान 22.9 फीसदी बढ़कर 16.3 लाख टन हो गई, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 13.3 लाख टन थी.

14 लाख टन डीजल बिक्री बढ़ी

देश में आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख संकेतक माने जाने वाले डीजल की बिक्री जुलाई के पहले पखवाड़े में सालाना आधार पर 20.9 फीसदी बढ़कर 34.6 लाख टन हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 28.7 लाख टन थी. हालांकि, मासिक आधार पर तुलना करें तो पेट्रोल और डीजल दोनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई. जून के पहले पखवाड़े की तुलना में पेट्रोल बिक्री 4.4 प्रतिशत और डीजल बिक्री 12.1 फीसदी कम रही.

मासिक आधार पर विमान ईंधन की बिक्री घटी

विमान ईंधन की बिक्री में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. विमान ईंधन (एटीएफ) की बिक्री एक से 15 जुलाई के दौरान 0.7 फीसदी बढ़कर 3.15 लाख टन रही, लेकिन जून के पहले पखवाड़े की तुलना में इसमें 10.3 फीसदी की गिरावट आई.

किसानों की वजह से बढ़ी डीजल और पेट्रोल की बिक्री

आमतौर पर मॉनसून के आगमन के साथ ईंधन की मांग घट जाती है. इसकी वजह यह है कि खेतों की सिंचाई के लिए पंप का उपयोग कम हो जाता है और सड़क यातायात भी धीमा पड़ जाता है. लेकिन इस सीजन पहले मॉनसून में देरी देखी गई और फिर जून में बारिश भी औसत से काफी कम दर्ज की गई. इसके चलते किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेतों की सिंचाई करनी पड़ी और उसके लिए डीजल चालित पंप का अधिक उपयोग करना पड़ा, जिससे डीजल की मांग बढ़ी.

सख्त आपूर्ति नियमों ने एलपीजी की बिक्री घटाई

जुलाई के पहले पखवाड़े में भी लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की बिक्री में गिरावट जारी रही और यह सालाना आधार पर 17.5 फीसदी घटकर 11.4 लाख टन रह गई. इसकी वजह सप्लाई में सख्त निगरानी और एलपीजी आपूर्ति नियमों में सख्ती रही है. पश्चिम एशिया संकट के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने से होटल एवं रेस्तरां में खपत पर लगी पाबंदियों के इसकी बिक्री प्रभावित हुई है. हालांकि, इस महीने प्रतिबंध हटने के बाद जून की तुलना में इसमें 1.7 फीसदी की हल्की वृद्धि दर्ज की गई.

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Published: 16 Jul, 2026 | 07:45 PM

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