Agricultural Machinery Subsidy: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है. अगर आप खेती के लिए नया कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने का मौका आ गया है. कृषि विभाग ने कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है. किसान 16 जुलाई 2026 दोपहर 12 बजे से 10 अगस्त 2026 रात 12 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. यह प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पूरी की जाएगी, इसलिए किसानों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है. सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो, मेहनत घटे और उत्पादन बढ़ सके.
इन योजनाओं के तहत मिलेगा अनुदान
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार किसानों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) और क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) जैसी योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा कुछ अन्य योजनाओं के तहत भी अलग-अलग कृषि उपकरणों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी.
किन-किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी?
इस बार किसानों को कई आधुनिक कृषि मशीनों पर अनुदान मिलेगा. इनमें:
- फार्म मशीनरी बैंक
- कस्टम हायरिंग सेंटर
- कृषि ड्रोन, एग्रीगेटर
- फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन मशीनें
- स्प्रेयर, थ्रेसर
- मिलेट प्लांटर
- बैच ड्रायर
- पॉपिंग मशीन
- मैज सेलर
- दल मिल और शुगरकेन हार्वेस्टर (सेल्फ प्रोपेल्ड) जैसे कई कृषि यंत्र शामिल हैं.
इन मशीनों के इस्तेमाल से खेती आसान होगी, समय की बचत होगी और किसानों को बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिलेगी.
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल http://www.agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. पोर्टल पर ‘किसान कॉर्नर’ में जाकर ‘यंत्र बुकिंग प्रारम्भ’ विकल्प पर क्लिक करके ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है.
पोर्टल पर कृषि यंत्रों की सूची, पात्रता, अनुदान की दर, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी भी उपलब्ध है.
जमानत राशि जमा करना होगा जरूरी
ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसानों को रिफंडेबल (वापस मिलने वाली) जमानत राशि भी जमा करनी होगी.
- 10,001 रुपये से 1 लाख रुपये तक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए 2,500 रुपये जमा करने होंगे.
- 1 लाख रुपये से अधिक अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए 5,000 रुपये की रिफंडेबल जमानत राशि देनी होगी.
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
प्रत्येक किसान को एक मोबाइल नंबर से केवल एक टोकन मिलेगा. जरूरत पड़ने पर किसान अपने माता, पिता, भाई, बहन, बेटा या बेटी के मोबाइल नंबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें. क्योंकि आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे. किसी भी तरह की जानकारी के लिए किसान अपने जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं.
सरकार का मानना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से खेती अधिक आसान, कम खर्चीली और लाभदायक बनेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.