गेहूं खरीदी से पहले पंजाब ने FCI को लिखा पत्र, क्या गोदामों में उपज रखने के लिए नहीं है जगह?

पंजाब में नए गेहूं की खरीद शुरू होने से पहले गोदामों में पुराने अनाज के स्टॉक की वजह से जगह की कमी हो रही है. सरकार ने FCI को निर्देश दिए हैं कि पिछले अनाज को जल्दी हटाकर 22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधे मंडियों से डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रहे.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 27 Mar, 2026 | 02:23 PM

Punjab Agriculture News: पंजाब में गेहूं की खरीदी शुरू होने में अब एक हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन गोदामों में अभी तक पुराने अनाज के स्टॉक ही पड़े हुए हैं. ऐसे में उपज की नई आवक को स्टोर में रखने के लिए जगह की कमी पड़ सकती है. हालांकि, इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार एक्टिंव हो गई है. पंजाब सरकार ने फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) को निर्देश दिया है कि राज्य के गोदामों में पड़े पिछले साल के अनाज को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया जाए, ताकि इस साल के गेहूं के लिए जगह बनाई जा सके.

सरकार ने FCI के चेयरमैन को लिखे पत्र में चेताया है कि अगर तुरंत अतिरिक्त भंडारण  नहीं बनाया गया और मंडियों में आने वाले 22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधे डिलीवरी नहीं हुई, तो 1 अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद के समय मंडियों में अनाज की अधिकता हो जाएगी. इससे किसानों और अन्य संबंधित लोगों में असंतोष पैदा होगा. साथ ही कानून और व्यवस्था की समस्या भी खड़ी हो सकती है.

राज्य में 100 लाख मीट्रिक भंडारण की जगह उपलब्ध है

इस साल मंडियों में करीब 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने की उम्मीद है. फिलहाल राज्य में कुल मिलाकर लगभग 100 लाख मीट्रिक भंडारण की जगह उपलब्ध है, जिसमें कवर किए गए गोदाम, प्लेटफॉर्म स्टोरेज (CAP) और सिलो/गोदाम शामिल हैं. राज्य की खरीद एजेंसियों ने भंडारण की जगह खोजने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन अब भी लगभग 22 लाख मीट्रिक गेहूं रखने की जगह कम है. इसमें सबसे बड़ा अंतर अमृतसर और तरनतारन जिलों में है. इसलिए सरकार ने FCI से आग्रह किया है कि इस 22 लाख मीट्रिक गेहूं को खरीद सीजन के दौरान मंडियों से सीधे रेलमार्ग के जरिए FCI को दिया जाए.

5-6 लाख मीट्रिक अनाज हर महीने राज्य से बाहर भेजे जा रहे हैं

राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग ने द ट्रिब्यून से कहा कि पिछले साल के 5-6 लाख मीट्रिक अनाज हर महीने राज्य से बाहर भेजे जा रहे हैं, लेकिन अतिरिक्त जगह केवल तब ही बनेगी जब महीने में 15-16 लाख मीट्रिक अनाज शिफ्ट किया जाए. सरकार ने प्रत्येक जिले से रेलमार्ग के जरिए सीधे अनाज डिलीवरी के लिए भी विवरण दिया है. इसके मुताबिक कुल 22,067.61 लाख मीट्रिक अनाज को प्राप्त राज्यों तक भेजने के लिए 860 स्पेशल ट्रेन की जरूरत होगी. इसमें अप्रैल में 409 और मई में 440 स्पेशल ट्रेनें लगेंगी. अमृतसर से 2.08 लाख मीट्रिक और तरनतारन से 2.54 लाख मीट्रिक अनाज बाहर भेजने का भी आग्रह किया गया है.

राज्य सरकार ने FCI से कही ये बात

राज्य सरकार ने FCI के चेयरमैन को बताया कि स्टोरेज की समस्या इसलिए पैदा हुई है, क्योंकि पूरे देश में फसल खरीद  बढ़ गई है और पिछले दो साल से अनाज खरीदने वाले राज्यों की मांग कम रही है, जिससे पंजाब से अनाज बाहर भेजना मुश्किल हो गया है. सरकार ने कहा कि स्थिति गंभीर है और जगह की कमी को पूरा करने के लिए FCI के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जाएं, ताकि गेहूं की सीधे डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके.

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Published: 27 Mar, 2026 | 02:22 PM
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