लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओफी) राहुल गांधी आज शुक्रवार को 56 वर्ष के हो गए. उनके 56वें जन्मदिन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे, पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं और हस्तियों ने जन्मदिन की बधाई दी है. राहुल गांधी दिल्ली में लगभग 2 करोड़ कीमत वाली कृषि भूमि के संयुक्त मालिक हैं. उनके पास कुल 20.4 करोड़ रुपये की संपत्ति है. हालांकि, उनके नाम पर कोई मकान या फ्लैट नहीं हैं. वहीं, खेती किसानी में उनका अतुलनीय योगदान रहा है. वह तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के समर्थन में उतरे और एमएसपी गारंटी कानून लाने के लिए संसद में प्रस्ताव पेश किया.
साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी के पास संपत्ति कुल 20.4 करोड़ रुपए की है. इसमें शेयर बाजार में निवेश, म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड शामिल हैं. आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग को सौंपे गए इस हलफनामे में 15 मार्च 2024 तक की उनकी वित्तीय संपत्तियों का विवरण दिया गया है. हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी की चल संपत्तियों का कुल मूल्य 9.25 करोड़ रुपए था, जबकि अचल संपत्तियों का मूल्य 11.15 करोड़ रुपए दर्ज किया गया.
टाटा, बजाज में शेयर और कई निजी कंपनियों में हिस्सेदारी
राहुल गांधी के पास 24 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 4.33 करोड़ रुपए है. उनके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा निवेश पिडिलाइट इंडस्ट्रीज में है, जिसकी कीमत 42.27 लाख रुपए है. इसके बाद बजाज फाइनेंस में 35.89 लाख रुपए, नेस्ले इंडिया में 35.67 लाख रुपए, एशियन पेंट्स में 35.30 लाख रुपए और टाइटन कंपनी में 32.59 लाख रुपए का निवेश है.
इसके अलावा उनके पास हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, आईटीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एलटीआईमाइंडट्री, डिवीज लैबोरेट्रीज, दीपक नाइट्राइट, जीएमएम फाउडलर, गारवेयर टेक्निकल फाइबर्स, एल्काइल एमाइन्स केमिकल्स, फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, सुप्रजीत इंजीनियरिंग, मोल्ड-टेक पैकेजिंग, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, डॉ. लाल पेथलेब्स, इंफो एज, विनाइल केमिकल्स और वर्टोज एडवरटाइजिंग जैसी कंपनियों में भी हिस्सेदारी
है. इसके अलावा भी कई कंपनियों में उनका निवेश है जो कई करोड़ रुपये आंका गया है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और पीपीएफ में निवेश
हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी के पास 2020-21 सीरीज के 220 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हैं, जिनकी कीमत 15.21 लाख रुपए है. उनके एसबीआई में सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाते में 61.52 लाख रुपए जमा हैं. हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी के पास 2020-21 सीरीज के 220 सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हैं, जिनकी कीमत 15.21 लाख रुपए है. उनके एसबीआई में सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाते में 61.52 लाख रुपए जमा हैं. इसके अलावा एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खातों में कुल 26.25 लाख रुपए जमा हैं. उनके पास नकद 55,000 रुपए भी हैं. हलफनामे के मुताबिक राहुल गांधी के पास कुल 333.30 ग्राम आभूषण और सोना है. इसमें 168.80 ग्राम शुद्ध सोना शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 4.20 लाख रुपए आंकी गई है.
दिल्ली में 2 करोड़ की कृषि भूमि के मालिक
राहुल गांधी के पास अचल संपत्तियों में सबसे बड़ी संपत्ति गुरुग्राम स्थित सिग्नेचर टावर्स में व्यावसायिक कार्यालय है, जिसकी कीमत 9.05 करोड़ रुपए बताई गई है।
हलफनामे के अनुसार, इन दो कार्यालय यूनिट्स की खरीद लागत 7.93 करोड़ रुपए थी. इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली के महरौली स्थित सुल्तानपुर में कृषि भूमि और फार्महाउस भवन में अपनी हिस्सेदारी घोषित की है. यह संपत्ति उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ संयुक्त रूप से स्वामित्व में है और इसकी कीमत 2.10 करोड़ रुपए बताई गई है.
राहुल गांधी के पास खुद का मकान और गाड़ी नहीं
राहुल गांधी उनके नाम पर किसी भी मोटर वाहन का उल्लेख हलफनामे में नहीं किया गया है. इसके साथ ही हलफनामे में राहुल गांधी के नाम किसी भी आवासीय फ्लैट या मकान का उल्लेख नहीं है.
दो दशक में तेजी से बढ़ी राहुल गांधी की संपत्ति
राहुल गांधी की घोषित संपत्ति पिछले दो दशकों में लगातार बढ़ी है. 2019 से 5 साल में 28 फीसदी उनकी संपत्ति बढ़ी है. हलफनामे के अनुसार वर्ष 2004 में उनकी कुल संपत्ति 55.38 लाख रुपए थी. वर्ष 2009 में यह बढ़कर 2.33 करोड़ रुपए हो गई. इसके बाद वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति 9.40 करोड़ रुपए और 2019 में 15.89 करोड़ रुपए दर्ज की गई थी. इसके बाद साल 2024 में घोषित 20.40 करोड़ रुपए की संपत्ति उनके 2019 के चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति की तुलना में लगभग 28 फीसदी अधिक है.
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के साथ सड़क पर उतरे
राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद के रूप में किसानों से जुड़े कई आंदोलनों और मुद्दों का समर्थन किया है. उन्होंने किसानों का पक्ष लेते हुए 2020 में लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में किसानों का साथ दिया था. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ट्रैक्टर रैलियों और किसान सभाओं में भाग लिया. कांग्रेस शासित राज्यों में किसान कर्जमाफी योजनाओं का समर्थन किया. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकारों द्वारा शुरू की गई कर्जमाफी योजनाओं को किसानों के हित में बताया.
एमएसपी गारंटी कानून पर किसानों का साथ दिया
राहुल गांधी ने एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने के किसानों के मुद्दे को समर्थन दिया और लोकसभा से एमएसपी गारंटी का मांग की. किसानों के कर्जमाफी का भी समर्थन किया है. इसके अलावा भारत जोड़ो यात्रा और किसान मुद्दों पर लंबी लड़ाई लड़ी. भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कई राज्यों में किसानों से मुलाकात की. फसल लागत, कर्ज, सिंचाई और बाजार संबंधी समस्याओं को उठाया. 2015 में भूमि अधिग्रहण कानून में प्रस्तावित संशोधनों का विरोध किया.