Rain Alert: आज सुबह बाहर निकलते ही मौसम हर जगह अलग दिख सकता है. उत्तर भारत में बादल छाने के संकेत हैं, जबकि मध्य भारत में गर्मी और उमस का असर बना रहेगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय देश में दो अलग-अलग मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिसका असर शुक्रवार के मौसम में साफ तौर पर देखने को मिलेगा. खासकर पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ी राज्यों में बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का असर दिख सकता है. पश्चिम राजस्थान में अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक और कभी-कभी 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बादलों की मौजूदगी से उत्तर भारत में गर्मी कुछ हद तक कम रहने की उम्मीद है.
तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है
मध्य भारत में मौसम थोड़ा मुश्किल भरा रहने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यहां अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. साथ ही पूर्व और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 21 जून तक लू (हीटवेव) चलने की आशंका है. मौसम विभाग ने कहा है कि हीटवेव यानी असामान्य रूप से ज्यादा गर्मी की स्थिति होती है, जो शरीर पर असर डाल सकती है. हालांकि इसके बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
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60 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी
भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, जो भारत में हर साल बारिश लाने वाली हवाओं का सिस्टम है, आगे बढ़ रहा है. IMD के अनुसार उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश होने की संभावना है. कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. जबकि, झारखंड और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. वहीं कोंकण, गोवा और ओडिशा के तटीय इलाकों में मौसम उमस भरा और चिपचिपा रहने की संभावना है.
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि तूफान वाले इलाकों में सावधानी बरतें, पेड़ों की टहनियों और बिजली गिरने से सतर्क रहें और मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखें. कुल मिलाकर, कल भारत के अलग-अलग हिस्सों में कहीं गर्मी, कहीं बारिश और कहीं तेज हवाओं का असर एक साथ देखने को मिल सकता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक सामान्य मौसम प्रणाली है
बता दें कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक सामान्य मौसम प्रणाली है, जिसका नाम सुनकर भले ही यह किसी परेशानी जैसा लगे, लेकिन ऐसा नहीं है. यह एक मौसम पैटर्न होता है जो पश्चिम दिशा से भारत की ओर आता है और अपने साथ नमी लेकर आता है. यही नमी बाद में उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का कारण बनती है.