कृषि पढ़ने वाली बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार दे रही 40,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप

Agriculture Scholarship: राजस्थान सरकार कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को 15 हजार से 40 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दे रही है. 11वीं-12वीं में कृषि विषय पढ़ने वाली छात्राओं को 15 हजार रुपये, कृषि स्नातक और एमएससी की छात्राओं को 25 हजार रुपये, जबकि कृषि विषय में पीएचडी करने वाली छात्राओं को 40 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक की सहायता मिलेगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 25 Jun, 2026 | 06:00 AM

Rajasthan Agriculture Scholarship: कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, शोध और आधुनिक शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है. इसी को देखते हुए राजस्थान सरकार का कृषि विभाग कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को आर्थिक सहायता दे रहा है. खास बात यह है कि कृषि विषय में पढ़ाई करने वाली बेटियों को 15 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की उन छात्राओं को आगे बढ़ाना है, जो कृषि क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं लेकिन आर्थिक कारणों से पढ़ाई में कठिनाई महसूस करती हैं.

11वीं और 12वीं की छात्राओं को मिलेगा लाभ

राजस्थान कृषि विभाग की इस योजना के तहत जो छात्राएं 11वीं और 12वीं कक्षा में कृषि विषय लेकर पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें 15,000 रुपये प्रतिवर्ष की दर से स्कॉलरशिप दी जाती है. यह राशि दोनों सालों के लिए अलग-अलग प्रदान की जाती है. इस सहायता का उद्देश्य स्कूल स्तर पर ही कृषि शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना है ताकि अधिक छात्राएं इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकें.

स्नातक और स्नातकोत्तर छात्राओं को भी सहायता

इस योजना का लाभ कृषि से जुड़े कोर्स करने वाली छात्राओं को भी दिया जाता है. उद्यानिकी, डेयरी, कृषि इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग और कृषि व्यवसाय प्रबंधन जैसे विषयों में पढ़ाई कर रही छात्राओं को हर साल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है. यह सहायता पूरे 4 या 5 साल के कोर्स के दौरान दी जाती है. वहीं, एमएससी (कृषि) की पढ़ाई कर रही छात्राओं को भी 25,000 रुपये सालाना की दर से दो साल तक स्कॉलरशिप दी जाती है, ताकि वे अपनी पढ़ाई बिना आर्थिक परेशानी के पूरी कर सकें.

पीएचडी करने वाली छात्राओं को सबसे अधिक सहायता

जो छात्राएं कृषि विषय में पीएचडी कर रही हैं, उन्हें इस योजना के तहत सबसे ज्यादा आर्थिक मदद दी जाती है. पीएचडी की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को हर साल 40,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है. यह सहायता अधिकतम तीन साल तक दी जाती है. योजना का उद्देश्य कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में अधिक से अधिक महिलाओं को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई में आर्थिक सहयोग देना है.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल राजस्थान की मूल निवासी छात्राओं को ही मिलेगा. साथ ही, आवेदक छात्रा का किसी सरकारी या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही होना जरूरी है. इन शर्तों को पूरा करने वाली छात्राएं योजना के तहत आवेदन कर आर्थिक सहायता का लाभ ले सकती हैं.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना में आवेदन करने के लिए छात्राओं को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • पिछले वर्ष की अंकतालिका
  • अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक छात्राएं राज किसान साथी पोर्टल पर जनाधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. इसके अलावा नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी आवेदन किया जा सकता है.

किन छात्राओं को नहीं मिलेगा लाभ?

अगर कोई छात्रा पिछले साल परीक्षा में पास नहीं हो पाई हो और उसी कक्षा में दोबारा दाखिला लिया हो या सिर्फ अंक सुधारने के लिए फिर से प्रवेश लिया हो, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा जो छात्राएं पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं, वे भी इस सहायता राशि की पात्र नहीं होंगी.

यह योजना कृषि क्षेत्र में पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है. इससे उनकी पढ़ाई का आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक छात्राओं को कृषि शिक्षा व शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

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Published: 25 Jun, 2026 | 06:00 AM

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