KMM का फरवरी तक आंदोलन की तारीखों का ऐलान, केंद्र-राज्य की नीतियों के खिलाफ किसानों ने फूंका बिगुल

किसान मजदूर मोर्चा (KMM) की पंजाब सरकार के साथ बीते सप्ताह बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसानों में गुस्सा है. उधर, किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने भी जुलाई में बैठक का वादा किया था, जिस पर अब तक अगली बैठक के किसानों को कोई अपडेट नहीं भेजा गया है. इस बीच किसान नेताओं ने फरवरी तक विरोध-प्रदर्शन की घोषणा कर दी है.

रिजवान नूर खान
नई दिल्ली | Published: 8 Jan, 2026 | 07:04 PM

केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ किसान संगठनों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है. पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में जुटे कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनवरी से फरवरी तक आंदोलन की तारीखों का ऐलान कर दिया है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मनमानी कर रही हैं. बीते कई सप्ताह से बिजली संशोधन बिल, बीज बिल के खिलाफ किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं पर सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है. उन्होंने कहा कि सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है. लेकिन, हम किसानों के हक के लिए लड़ेंगे.

किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के नेतृत्व में आज 8 जनवरी को किसान भवन चंडीगढ़ में कई किसान संगठनों की महापंचायत हुई. इसके बाद प्रेस कांफ्रेस करके पंजाब और देशभर में लागू किए जा रहे किसान-मजदूर विरोधी कानूनों और सरकारी नीतियों के खिलाफ आने वाले आंदोलनों का ऐलान किया गया. बीते सप्ताह किसान मजदूर मोर्चा (KMM) की पंजाब भवन चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद किसान नेताओं ने पंचायत करके आगे की रणनीति और आंदोलन का रास्ता तय किया है.

कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या कर रहे पर सरकार को फिक्र नहीं

KMM ने कहा कि देश और पंजाब में कृषि संकट बेहद गहरा हो चुका है. कर्ज में डूबे किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरी तरह विफल साबित हुआ है. केंद्र और पंजाब सरकार की कॉर्पोरेट-पक्षधर नीतियां किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से रोजगार छीनने की ओर बढ़ रही हैं. किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब समेत अन्य राज्यों के किसानों को आने वाले आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की अपील करता है, क्योंकि इस कॉर्पोरेट हमले का मुकाबला केवल संयुक्त और संगठित संघर्ष से ही किया जा सकता है.

13 जनवरी को लोहड़ी की आग में जलाएंगे नए कानूनों की प्रतियां

किसान मजदूर मोर्चा (KMM) की ओर से बताया गया कि 13 जनवरी 2026 को बिजली संशोधन बिल 2025, बीज कानून 2025 और VB ग्राम योजना से जुड़े संशोधन कानूनों की प्रतियां पंजाब के गांव-स्तर पर लोहड़ी की अग्नि में जलाई जाएंगी. यह प्रदर्शन पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत देशभर में होगा.

स्मार्ट मीटर उताकर बिजली दफ्तरों में जमा करेंगे किसान

18 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के मजीठा (अमृतसर) दौरे के दौरान शंभू-खनौरी मोर्चा उजाड़ने, ट्रॉलियों की चोरी और अन्य मांगों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे.  इसके बाद 21 और 22 जनवरी 2026 को स्मार्ट मीटर उतारकर दूसरे चरण के तहत नजदीकी बिजली दफ्तरों में जमा करवाए जाएंगे.

फरवरी में पंजाब के मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करेंगे किसान

24–25 जनवरी 2026 को राजस्थान में KMM चैप्टर इंडिया की बैठक आयोजित की जाएगी. इसके बाद 5 फरवरी 2026 को पंजाब के मंत्रियों और विधायकों के घरों के सामने धरने दिए जाएंगे. सुनवाई नहीं होने पर दफ्तरों का भी घेराव किया जाएगा.

किसानों की इन मांगों को तुरंत लागू करे सरकार

  1. आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों और मज़दूरों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरियां.
  2. दिल्ली आंदोलन-2 (शंभू-खनौरी) के दौरान घायल हुए किसानों-मजदूरों को मुआवजा.
  3. पराली जलाने, रेड एंट्रियों, जुर्मानों तथा आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए पुलिस और रेलवे पुलिस के सभी मामलों को वापस लिया जाए.
  4. बाढ़ से प्रभावित किसानों को लंबित मुआवज़ा तुरंत जारी किया जाए.

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