Odisha News: ओडिशा में धान खरीदी में हो रही परेशानी को लेकर विधानसभा में विपक्ष का विरोध लगातार जारी है. ऐसे में विधानसभा का बजट सत्र लगातार पांचवें दिन स्थगित हो गया. क्योंकि विपक्ष ने धान की खरीद में कथित अनियमितताओं पर विशेष चर्चा की मांग को लेकर विरोध तेज कर दिया है. जैसे ही सदन शुरू हुआ, बीजेडी और कांग्रेस के विधायक वॉकआउट कर सदन के बीच में आ गए, हाथ में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. उन्होंने राज्य में धान मंडियों के प्रबंधन पर सवाल उठाए और किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीकर सुरमा पाध्य ने बार-बार सदस्यों से अपने स्थानों पर लौटने और प्रश्नोत्तर सत्र जारी रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं लिया. शनिवार को सदन कुछ ही मिनटों के लिए चला और फिर 11:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया. दोबारा शुरू होने पर भी वही हाल देखा गया, जिसके बाद 4 बजे तक फिर स्थगन किया गया और पूरे दिन का काम ठप रह गया.
किसान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं
विपक्ष के उप नेता प्रसन्ना आचार्य ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर व्यवस्थित बहस से बच रही है. उन्होंने कहा कि किसान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार धान की खरीद पर चर्चा करने को तैयार नहीं क्योंकि इससे उनकी असफलताएं सामने आ जाएंगी. कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कादम ने भी यही आरोप दोहराया और कहा कि किसान मंडियों में खरीद टोकन के बिना इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव की तैयारी कर रही है, राज्य के विकास की नहीं. किसानों की दिक्कतों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही. जब तक विशेष चर्चा नहीं होगी, सदन में आंदोलन जारी रहेगा. बीजेपी विधायक सनतन बिजुली ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर कार्यवाही को रोक रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष किसानों और महिलाओं के विकास नहीं चाहता. वे राजनीतिक कारणों से सदन को ब्लॉक कर रहे हैं.
किसानों से 59 लाख क्विंटल धान खरीदा गया
हालांकि, ओडिशा सरकार ने 2025-26 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में 13.91 लाख से अधिक किसानों से 59 लाख क्विंटल धान खरीदा है. राज्य सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और सुनिश्चित खरीद के माध्यम से ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि कोई भी किसान खरीद प्रक्रिया से बाहर नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि एक भी अन्नदाता को धान खरीद से वंचित नहीं किया जाएगा और यह भरोसा उन्होंने पहले राज्यपाल के विधानसभा संबोधन में भी दिया था.