धान किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने एक्सपायरी टोकन की वैधता 15 दिन तक बढ़ाई.. इस वजह से लिया फैसला

ओडिशा सरकार ने धान बिक्री टोकन की वैधता 15 दिन बढ़ाई. मंत्री प्रदीप बाल सामंता ने कहा कि कुछ बड़े और नकली किसान विरोध कर रहे हैं, जबकि पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा. MSP लाभ छोटे और असली किसानों तक पहुंचे, इसके लिए नियम लागू हैं. बीजेडी ने बरगढ़ में प्रदर्शन किया.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Feb, 2026 | 11:14 AM

Odisha Paddy Procurement: ओडिशा के धान किसानों के लिए राहतभरी खबर है. राज्य सरकार ने कहा है कि धान खरीद ऑपरेशन में हुई देरी और परेशानियों को देखते हुए, एक्सपायर हो चुके धान बिक्री टोकन की वैधता 15 दिन बढ़ा दी जाएगी. इसका उद्देश्य किसानों के लिए लेन-देन को आसान बनाना है, ताकि कोई भी असली किसान पीछे न रह जाए. सहयोग मंत्री प्रदीप बाल सामंता ने कहा कि कुछ इलाकों में धान खरीद धीमी हो गई है, क्योंकि चावल मिलर्स समय पर मंडियों से धान नहीं उठा पा रहे हैं. इसके पीछे दो कारण हैं: फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) द्वारा कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की निकासी में देरी और मंडियों में ताजा धान की लगातार आपूर्ति.

मंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि सभी एक्सपायर टोकन की वैधता  15 दिन बढ़ाई जाए, ताकि किसान समर्थन मूल्य प्रणाली के तहत धान बेच सकें. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ‘नकली किसान’ और बड़े उत्पादक सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि धान खरीद सामान्य रूप से जारी है.

गैर-कृषि जमीन को कृषि भूमि दिखाया है

धान खरीद को लेकर हो रहे विरोध पर सहयोग मंत्री प्रदीप बाल सामंता ने कहा कि विरोध कर रहे अधिकांश लोग असली किसान नहीं हैं. कई बड़े किसान, जिन्होंने पिछले साल बड़ी मात्रा में धान बेचा था, इस साल 150 क्विंटल की सीमा के कारण असुविधा महसूस कर विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह नियम लाभ के सही वितरण के लिए लागू किए गए हैं. सामंता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ नकली किसान, जिन्होंने गैर-कृषि जमीन  को कृषि भूमि दिखाया है, सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें सफल नहीं होंगे. उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजीकृत सभी किसानों का धान उठाया जाएगा.

किसान धान उठाने में देरी को लेकर विरोध कर रहे हैं

मंत्री के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कुछ किसान समूह  सीमाओं और धान उठाने में देरी को लेकर विरोध कर रहे हैं. सरकार का कहना है कि यह सिस्टम गलत इस्तेमाल रोकने और MSP के लाभ छोटे और असली किसानों तक पहुंचाने के लिए है. बीजेडी ने हाल ही में बरगढ़ जिले में टोकन वितरण में देरी, मंडियों में कटौती, बकाया भुगतान और मजबूरी में बिक्री के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था.

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