आयात शुल्क में कटौती ने हिमाचल के सेब किसानों की बढ़ाई चिंता, कारोबार प्रभावित होने का है डर

अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क घटने से हिमाचल के सेब उत्पादक चिंतित हैं. किसानों को डर है कि करीब 100 रुपये किलो में आने वाले अमेरिकी सेब प्रीमियम भारतीय सेब को नुकसान पहुंचाएंगे. कुछ संगठनों ने इसे चुनौती बताया, जबकि कुछ इसे गुणवत्ता सुधार का अवसर मानते हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 9 Feb, 2026 | 08:05 AM

Himachal Pradesh News: अमेरिका से आने वाले सेब पर आयात शुल्क 50 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी किए जाने से हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि सस्ते अमेरिकी सेब बाजार में आने से घरेलू सेब की बिक्री प्रभावित हो सकती है. हालांकि सरकार ने न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) को 50 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है, लेकिन नए ढांचे के तहत अमेरिकी सेब करीब 100 रुपये प्रति किलो की कीमत पर भारत पहुंचेंगे, जो प्रीमियम भारतीय सेब की कीमत के बराबर है.

अमेरिकी सेब घरेलू उत्पादकों के लिए कड़ी चुनौती बन सकते हैं

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त किसान मंच (SKM) के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि इस कीमत पर अमेरिकी सेब  घरेलू उत्पादकों के लिए कड़ी चुनौती बन सकते हैं, क्योंकि उपभोक्ता आयातित फलों को तरजीह दे सकते हैं. उन्होंने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि पहले अमेरिकी सेब 75 रुपये प्रति किलो की दर से भारत पहुंच रहे थे. चौहान ने पूछा कि अगर ऐसा था, तो फिर ये सेब खुदरा बाजार में 200 से 250 रुपये प्रति किलो क्यों बिकते हैं.

एमआईपी कम से कम 100 रुपये होना चाहिए

हरीश चौहान का कहना है कि अगर अमेरिकी सेब 100 रुपये प्रति किलो की दर से भारत पहुंचता है, तो कोल्ड एटमॉस्फियर (CA) स्टोरेज में प्रीमियम सेब रखना घाटे का सौदा बन जाएगा. उन्होंने कहा कि कोई भी स्टोरेज मालिक 85- 90 रुपये किलो में सेब खरीदकर, छह महीने तक भंडारण का खर्च उठाकर, फिर उसे अमेरिकी सेब से महंगे दाम पर बाजार में क्यों बेचेगा. चौहान समेत कई बागवानों को आशंका है कि इस कीमत पर अमेरिकी सेब स्थानीय सेब अर्थव्यवस्था  को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. वहीं प्रोग्रेसिव ग्रोअर्स एसोसिएशन (PGA) के अध्यक्ष लोकिंदर बिष्ट का कहना है कि प्रीमियम सेब पर असर जरूर पड़ेगा, लेकिन 80 रुपये का एमआईपी और 25 फीसदी टैरिफ नुकसान को कुछ हद तक सीमित करेगा. उनका मानना है कि स्थानीय किसानों को बेहतर सुरक्षा देने के लिए एमआईपी कम से कम 100 रुपये होना चाहिए.

इसका असर कम गुणवत्ता वाले सेब पर भी पड़ेगा

बिष्ट ने कहा कि स्थानीय प्रीमियम सेब  की कीमत अमेरिकी सेब से ज्यादा नहीं रह पाएगी और इसका असर कम गुणवत्ता वाले सेब पर भी पड़ेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आयात पर कोई सीमा नहीं लगाई गई, तो असीमित आयात स्थानीय सेब उद्योग के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. इस बीच कुछ बागवानों का मानना है कि इस समझौते का स्थानीय सेब अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. हिमालयन सोसायटी फॉर हॉर्टिकल्चर एंड एग्रीकल्चर डेवलपमेंट की अध्यक्ष डिंपल पंजटा का कहना है कि भारतीय प्रीमियम सेब किसी भी विदेशी सेब से मुकाबला करने में सक्षम है. उनके अनुसार वैश्विक प्रतिस्पर्धा से बचा नहीं जा सकता, बल्कि इसे गुणवत्ता सुधारने के मौके के रूप में देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुरक्षा मांगने के बजाय किसानों को सरकार से सब्सिडी और बेहतर पौध सामग्री की मांग करनी चाहिए, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकें.

 

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को सफेद सोना कहा जाता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
गेहूं को फसलों का राजा कहा जाता है.
विजेताओं के नाम
नसीम अंसारी, देवघर, झारखंड.
रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

लेटेस्ट न्यूज़

Skm Expressed Displeasure Over The Statement Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan

SKM ने कृषि मंत्री के बयान पर जताई नाराजगी, कहा- किसानों की स्थिति बेहद खराब.. MSP कागजों तक ही सीमित

India Wheat Production 2026 Forecast Rise Below Estimates Unseasonal Rain Hail Damage Crop Yield

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का असर, 2026 में गेहूं उत्पादन बढ़ेगा लेकिन सरकारी अनुमान से कम रहने के आसार

Uttar Pradesh Farmers Cultivate Florida Sensation Mango Longer Shelf Life

यूपी में होगी फ्लोरिडा के ‘सेंसेशन’ आम की खेती, 1.5 गुना ज्यादा पैदावार..12 दिनों की है शेल्फ लाइफ

West Asia Share India Agricultural Exports 20 Percent Govt Monitoring Trade Disruptions Gulf Processed Food Growth

राज्यसभा में बोले जितिन प्रसाद: खाड़ी देशों में भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग मजबूत, सरकार रख रही नजर

Cotton Demand Rises Worldwide Cci Hikes Prices Rs 300 Per Candy

पूरी दुनिया में बढ़ी कपास की मांग, CCI ने कीमतों में की 300 रुपये की बढ़ोतरी.. किसानों को होगा फायदा?

Haryana Crop Procurement Rules 2026 Biometric Verification Digital Gate Pass Wheat Mustard Mandi System

इस राज्य में अब डिजिटल सिस्टम से होगी गेहूं-सरसों की खरीद, जानें कब किस तारीख को फसल बेच सकेंगे किसान?