Mandi Bhav: सूखी लाल मिर्च हुई महंगी, 70 हजार रुपये क्विंटल रेट.. 55 फीसदी बढ़ी कीमत

कर्नाटक के हुबली में सूखी लाल मिर्च की कीमतें तेजी से बढ़कर 70,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं, क्योंकि इस साल उत्पादन घटा है. 6-8 फरवरी को मूरुसाविरा माथ हाई स्कूल में 14वां ड्राई चिली मेला होगा, जहां किसान सीधे मिर्च बेचकर लाभ कमा सकेंगे.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 4 Feb, 2026 | 02:25 PM

Karnataka News: कर्नाटक के हुबली में सूखी लाल मिर्च के दामों में तेज बढ़ोतरी आई है. इससे किसान खुश हैं और उन्हें अच्छी कमाई की उम्मीद है. खास बात यह है कि खेती का रकबा घटने और कुल उत्पादन कम रहने के कारण बाजार में कीमतें 70,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गई हैं. जबकि पिछले साल यही भाव करीब 45,000 रुपये थे. यानी एक साल में 55.6 फीसदी कीमत बढ़ गई है. बाजार में मिर्च की उपलब्धता कम होने से मांग के मुकाबले सप्लाई घट गई, जिससे दाम तेजी से बढ़े. वहीं, एक्सपर्ट का कहना है कि होलसेल में दाम बढ़ने से रिटेल मार्केट में इसका असर पड़ेगा. इससे खुदरा में भी कीमतें बढ़ सकती हैैं.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल सूखी लाल मिर्च  की खेती 79,152 हेक्टेयर क्षेत्र में हुई और कुल उत्पादन करीब 1.58 लाख मीट्रिक टन रहा. इसमें से लगभग 10 प्रतिशत बायडगी किस्म की मिर्च थी, जो अपने रंग के लिए जानी जाती है और बाजार में काफी मांग में रहती है. कर्नाटक स्पाइसेज डेवलपमेंट बोर्ड के एमडी बीआर गिरिश के मुताबिक, इस साल उत्पादन में भारी गिरावट आई है. 2024-25 में उत्पादन 2.19 लाख टन, 2023-24 में 3.20 लाख टन और 2022-23 में 1.71 लाख टन रहा था. मौजूदा सीजन में उत्पादन कम होने से बाजार में सप्लाई की कमी बनी और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर  पहुंच गईं.

कर्नाटक के इन जिलों में होती है मिर्च की खेती

कर्नाटक राज्य मसाले विकास बोर्ड 6 से 8 फरवरी तक मूरुसविरा माथ हाई स्कूल में 14वां ड्राई चिली मेला आयोजित करेगा. इस मेले का उद्देश्य सूखी मिर्च की सीधे बिक्री को बढ़ावा देना, मिर्च किसानों और उपभोक्ताओं को सीधे जोड़ना, किसानों, उपभोक्ताओं और वैज्ञानिकों को एक ही मंच पर लाना और किसानों को सूखी मिर्च की खेती से जुड़ी नई रिसर्च जानकारी देना है. कर्नाटक सूखी मिर्च की खेती के लिए प्रमुख राज्य है, जिसमें बल्लारी, रायचूर, बागलकोट और धारवाड़ जिले बड़े क्षेत्र में मिर्च की खेती के लिए जाने जाते हैं.

कुल उत्पादन 1.58 लाख टन रहने का अनुमान

कर्नाटक राज्य मसाले विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक बी.आर. गिरिश ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य में मिर्च लगभग 79,152 हेक्टेयर में उगाई जाती है और इस सीजन में कुल उत्पादन  1.58 लाख टन रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि पिछले मेले (2025) में 89 किसानों ने भाग लिया था और 203 क्विंटल सूखी मिर्च 71 लाख रुपये में बेची गई थी. जब उनसे पूछा गया कि पिछले मेले में कम किसानों ने भाग क्यों लिया, तो उन्होंने कहा कि पिछले साल मेले का स्थल बदलकर APMC परिसर, भैरिडेवरकोप्पा में रखा गया था, जिससे भीड़ कम रही. इसे ध्यान में रखते हुए इस बार मेले को पुराने स्थल पर आयोजित किया जा रहा है और अधिक दर्शक लाने के लिए व्यापक प्रचार किया जा रहा है, ताकि लोग सीधे किसानों से मिर्च खरीद सकें.

 

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Published: 4 Feb, 2026 | 02:20 PM

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