Ghost Pepper Farming: मिर्च का नाम सुनते ही मुंह में तीखापन घुल जाता है, लेकिन भारत में उगने वाली एक ऐसी मिर्च भी है जिसके तीखापन की चर्चा पूरी देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में होती है. जी हां, हम बात कर रहे हैं भूत झोलकिया की, जिसे ‘घोस्ट पेपर’ के नाम से भी जाना जाता है. असम और पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों में उगने वाली यह मिर्च कभी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे तीखी मिर्च के तौर पर दर्ज रह चुकी है. आज भी इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि किसान इसकी खेती से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं.
भूत झोलकिया (Ghost Pepper) की खासियत इसका जबरदस्त तीखापन है. मिर्च की तीखापन क्षमता को स्कोविल हीट यूनिट्स (SHU) में मापा जाता है. जहां सामान्य हरी मिर्च का तीखापन 2,000 से 5,000 SHU के बीच होता है, वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भूत झोलकिया का तीखापन 10 लाख SHU से भी ज्यादा होता है. यही वजह है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मिर्च बम, दवाइयों, पेपर स्प्रे और पेन रिलीफ प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है.
भूत झोलकिया उगाने के लिए सही जगह और मौसम
इस मिर्च की खेती के लिए गर्म और नम जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है. उत्तर-पूर्व भारत जैसा मौसम इसके लिए आदर्श है, लेकिन सही देखभाल के साथ किसाने इसे उत्तर भारत में भी उगा सकते हैं.
मिट्टी की बात करें तो अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है. मिट्टी का pH 5.5 से 7 के बीच होना चाहिए. तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रहे तो पौधे अच्छी तरह और तेजी से बढ़ते हैं. इसकी नर्सरी फरवरी-मार्च या सितंबर-अक्टूबर में तैयार की जाती है.

भूत झोलकिया का तीखापन 10 लाख SHU से भी ज्यादा होता है. (Photo Credit: Canva)
खेती का आसान तरीका
भूत झोलकिया के बीज महंगे होते हैं, इसलिए इन्हें सीधे खेत में बोने के बजाय पहले नर्सरी में पौधे तैयार करना बेहतर रहता है. बीजों को अंकुरित होने में 15 से 30 दिन तक लग सकते हैं. जब पौधे 4-5 इंच के हो जाएं, तब इन्हें मेन खेत में 2 से 3 फीट की दूरी पर रोप दें.
खाद के रूप में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट और नीम की खली का इस्तेमाल करें. सिंचाई जरूरत के हिसाब से करें, क्योंकि ज्यादा पानी भरने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं.
सुरक्षा है सबसे जरूरी
इस मिर्च की तुड़ाई और देखभाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है. किसानों को दस्ताने और आंखों पर चश्मा जरूर पहनना चाहिए. इसकी तीखी गंध और रस त्वचा पर जलन, छाले और सांस की दिक्कत पैदा कर सकती है.
मुनाफे का पूरा गणित
एक एकड़ में भूत झोलकिया की खेती पर करीब 50,000 से 70,000 रुपये का खर्च आता है. ताजी मिर्च की कीमत बाजार में 500 से 800 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है. अगर मिर्च को सुखाकर बेचा जाए, तो दाम 2,000 से 4,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाते हैं. एक एकड़ से 15-20 क्विंटल उत्पादन होने पर किसान सालाना 5 से 8 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
कहां बिकती है भूत झोलकिया
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस मिर्च की सबसे बड़ी मांग एक्सपोर्ट मार्केट में है. अमेरिका, ब्रिटेन और खाड़ी देशों में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. कई कंपनियां सॉस, अचार और मसाले बनाने के लिए सीधे किसानों से खरीद करती हैं. इसके अलावा किसान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी इसे ऊंचे दामों पर बेच सकते हैं.
भूत झोलकिया आज सिर्फ एक मिर्च नहीं, बल्कि किसानों के लिए ‘लाल सोना’ बन चुकी है. थोड़ी मेहनत और सावधानी के साथ यह फसल आपकी खेती की किस्मत बदल सकती है.